Thursday, June 7, 2018

गर्मी की छुट्टी और मीठे-मीठे आम।

मीठा होता खस्ता खाजा
मीठा होता हलुआ ताजा,
मीठे होते गट्टे गोल
सबसे मीठे, मीठे बोल।

मीठे होते आम निराले
मीठे होते जामुन काले,
मीठे होते गन्ने गोल
सबसे मीठे, मीठे बोल।

दोस्तों, बच्‍चों के प्‍यारे कवि सोहन लाल द्विवेदी की यह कविता तुमने जरूर पढी होगी। वैसे आजकल तो तुम्‍हारी छुट्टियां चल रही हैं। और छुट्टी का मतलब है दादी-नानी का गांव और ढेर सारी मस्‍ती, वो भी आम के बगीचों में।

तुम्‍हें तो पता ही है कि आम को फलों का राजा कहा जाता है। आम का साइंटिफिक नाम है मैंगीफेरा इंडिका (Mangifera indica)। आम का इतिहास बहुत पुराना है। आजकल तो इसी तरह-तरह की वरायटी भी मिलती हैं, जैसे दशहरी, लंगड़ा, चौसा, बंबइया..। तुम्‍हें कौन सा आम पसंद है?

क्‍या तुम्‍हें पता है कि भारत में आम की तरह ही आम के पकवान भी लोकप्रिय हैं। आम का अचार तो सबको पसंद आता है। यह खाने में चार चांद लगा देता है। इसके अलावा बच्‍चों को मैंगो शेक भी बहुत पसंद आता है। अच्छा, इसके अलावा आम के कौन-कौन से व्‍यंजन बनते हैं? और हां, तुमने आम के कौन-कौन से पकवान खाए हैं, हमें जरूर बताना।
आम पर तो एक कहावत भी है- आम के आम गुठलियों के दाम। यानी किसी भी चीज से भरपूर फायदा उठाना। वैसे एक बताओ, तुम आम खाने के बाद गुठलियां क्‍या करते हो? क्‍या कहा, कूडू में फेंक देते हो? हां, ये तो सभी लोग करते हैं। पर तुम चाहो गुठलियों के भी दाम वसूल सकते हो। कैसे? अभी बताता हूं।

इस बार जब डाल के पके हुए आम तुम्‍हारे घर में आएं, तो जो आम तुम्‍हें सबसे ज्‍यादा पसंद हो, उसकी गुठलियों को संभाल कर रख लो। और जब बारिश हो, उसे आसपास की खाली पड़ी जमीन, जैसे पार्क का कोई कोना, सड़क के किनारे की जमीन या अगर तुम्‍हारे घर का आंगन बड़ा सा हो, तो वहां पर गुठली को जमीन में दबा दो। और फिर देखो, उसमें से अंकुर निकल आएगा। तुम उस अंकुर की देखभाल करते रहना, फिर धीरे-धीरे वो पौधा बन जाएगा। हां, तुम्‍हारे नाम का पौधा। 

तो फिर इन छुट्टियों में अपने नाम का एक पौधा जरूर लगाना और अपने फ्रेंड्स को भी बताना। ताकि वो लोग भी मोटिवेट होकर अपना-अपना पौधा लगा सकें। इससे हमारी धरती पर हरियाली बढ़ेगी और ये बेहद सुंदर हो जाएगी।

अच्‍छा दोस्‍तो, अब चलता हूं। पर चलते-चलते आपके लिए दो क‍हानियों के लिंक छोड़ जा रहा हूं। इन्‍हें जरूर पढ़ना और कैसी लगी आपको, हमें भी बताना। विज्ञान कथा- बड़‍बडि़या, छोटी सी बात

बॉय-बॉय।