Monday, January 19, 2009

आप कितने बुद्धिमान हैं ?

आप कितने बुद्धिमान हैं ?
१) गोल मटोल पर न लुढ़कू ,
रहूँ जमीन पर लोटा ,
इतना पर जो न समझे ,
वो है अक्ल का मोटा

२)नीचे उजली ऊपर हरी ,
खड़ी खेत में उलटी परी

३)एक किले में चालीस चोर ,
सबका है मुहँ काला ,
पूँछ पकड़ रगड़ लगाओ
झट कर दे उजियाला

४)छिप देखी अमीन ने ,
छोटी सी वो कली
छत दीवार पर पलती
मारे को धीरे चली

५) घटत बढ़त का चक्र है ,
रूप है अति सलोना
ऐसे आँगन में खेलत
है नाही है जिसका कोना

आप सभी को जवाब देने हैं ,ग़लत उत्तर देने वाला भी बुद्धिमान घोषित किया जायेगा ,जो कोई भी उत्तर नही देगा ,वो
ख़ुद ही समझ जाए कि वो क्या है ?
बहुत सरल है ,कोशिश तो करो भी ।


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12 पाठकों का कहना है :

manu का कहना है कि -

अकल यूँ तो काफ़ी मोटी है ..पर कोशिश करता हूँ..
(!)....शायद ...............लोटा
(२)...शायद ..............मूली
(३)...पक्का ..............माचिस ही है
(४)....छिपकली
(५)....घड़ी

शोभा का कहना है कि -

नीलम जी बहुत अच्छी पहेलियाँ हैं। जवाब नहीं दूँगी। क्या पता गलत हों ः)

abhimanyu का कहना है कि -

my friend give correct answer her name neetu.

आलोक सिंह "साहिल" का कहना है कि -

NEELAM ji,bahut sundar prayas,par main jawab dene ka prayas nahin karunga kyonki shobha ji wali hi samsya idhar bhi .
hahahahaha....
ALOK SINGH "SAHIL"

Amit का कहना है कि -

1) pata nahi...
2) mooli
3) maachis
4) chipkali

Amit का कहना है कि -

5) ghari

सीमा सचदेव का कहना है कि -

बहुत अच्छी पहेलियाँ नीलम जी | हम बहुत देरी से पहुंचे अब आपकी इच्छा हमें जो भी समझे
वैसे शोभा जी और आलोक जी ने तो जैसे मेरी समस्या भी व्यक्त कर दी है

Anonymous का कहना है कि -

sabse pahle maine RISK liya.....
fir bhi pataa naheen sab kyoon ghabraa rahe hain...?
manu

rachana का कहना है कि -

नीलम जी
लिखने में थोडी देर हो गई उत्तर तो मनु जी और अमित जी ने पूरा देही दिया है क्या कहूँ अब .घड़ी छोड़ बाकि आते थे ,थोडी बुद्धि कम है न
आगे भी और पहेलियाँ लिखियेगा .बहुत मजा आया पढ़ के
रचना

dschauhan का कहना है कि -

1. लोटा
2. मूली
3. माचिस
4. छिपकली
5. घड़ी

तपन शर्मा का कहना है कि -

पाँचवें का तो उत्तर "चाँद" है क्यों सबने दिया है घड़ी
बाकि चार जगहों पर लोटा, मूली, माचिस और छिपकली हैं खड़ी..

नीलम जी.. कहिये मैं सही हूँ... :-) ५ में से ५ अंक

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

लोटा ले लोटा मगर, मूली मिली न एक.
माचिस लाई छिपकली, चन्द्र-कलाएँ देख.

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