Wednesday, June 18, 2008

भोला बचपन... आओ साइकिल चलाएँ















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5 पाठकों का कहना है :

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

अपनी गुड़िया को एक ग़ुड़िया
कैसे सैर कराये ......
पकड़ने वाला मिला नहीं तो
कैसे उसे बिठाये......
इसलिये साईकल छोड छाड़ कर
घूम रही है.....
गोद उठाये नन्हीं गुड़िया
चूम रही है.....

advocate rashmi saurana का कहना है कि -

bhut hi sundar photos.

अवनीश एस तिवारी का कहना है कि -

एक गाडी तिन सवारी |
अच्छा है


अवनीश तिवारी

Seema Sachdev का कहना है कि -

bahut hi pyaari tasvaieere h

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

अरे, जरा संभल कर, कहीं टक्कर न हो जाए।

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