Thursday, June 19, 2008

ट्रैफ़िक लाइट



पापा यहाँ तो चार रास्ते
फिर क्यूँ भीड़ जमा है,
चलता ट्रैफिक एक तरफ का
बाकी सभी थमा है ।
क्यूँ बाकी सभी थमा है ???

बेटा ट्रैफ़िक लाइट ने सबको
रुकने को है बोला है
तीन तरफ से रोककर ट्रैफिक
एक तरफ खोला है ।
बस एक तरफ खोला है..

समझो -
अगर सामने लाल हो बत्ती
'रुकना' इसका मतलव
हरे रंग की बत्ती पर ही
'निकलेंगे' फिर हम सब
लाल से पहले पीली बत्ती
हमें 'सावधान' करती है
चौराहे की ट्रैफिक लाईट
बहुत काम करती है
नहीं किया जो हमने इन
ट्रैफिक नियमों का पालन
बाधित हो जायेगा बेटा
सब यातायात संचालन
ना ही समय से स्कूल जाना
ना घर आना होगा
इसलिये नियमों में ट्रैफिक के
वाहन चलाना होगा
अगर नियम से नहीं चले तो
फिर जुर्मना होगा
जुर्माना जो नहीं दिया तो
जेल में जाना होगा
हाँ जेल में जाना होगा

हाँ हाँ पापा कितनी अच्छी
ट्रैफिक लाइट हमारी
मदद सभी की करती रहती
धूप में खड़ी बेचारी
आप भी इसकी बात मानकर
गाड़ी ठीक चलाना
नहीं कभी जुर्माना भरना
नहीं जेल में जाना

बस..
पापा जल्दी घर आना...
बस पापा जल्दी घर आना....

19-06-2008


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3 पाठकों का कहना है :

रंजू ranju का कहना है कि -

अच्छी सीख दी है इस कविता के माध्यम से आपने राघव जी

Seema Sachdev का कहना है कि -

Bhupendar ji aapki lekhani ki mujhe pahchaan hone lagi hai,sheershak dekh kar hi pata chal jaata hai ki Bhupendar ji hi hai . Aaj jaroorat bhi hai ki bachcho ko saahitay ke maadhayam se shiksha di jaaye aur baal-kavita se badhakar aur achcha saadhan kya ho sakata hai.bahut hi sundar rachana hai aapki .badhaaii

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

कविता के बहाने बच्चों को अच्छी जानकारी दी है।

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