Monday, November 3, 2008

छठ पूजा पर्व

छठ पूजा पर्व
नमस्कार बच्चो ,आजकल त्योहारो का मौसम है ,और हम आते है आपके लिए नई जानकारी के साथ आपको यह पता ही होगा कि आजकल छठ-पर्व मनाया जा रहा है यह मुख्य रूप से बिहार मे मनाया जाने वाला पर्व है यह पर्व पूरे चार दिन मनाया जाता है और सूर्यदेव और माँ कात्यायनी(षठ देवी) की आराधना की जाती है लोग पूरा दिन व्रत रखते है और सन्ध्या समय नदी मे स्नान कर चन्द्रमा की पूजा कर अन्न-जल ग्रहण करते है इस दिन माताएँ अपने बच्चो की लम्बी आयु के लिए छठ देवी( कात्यायनी देवी ) की पूजा करती है और सुख समृधि के लिए सूर्यदेव की पूजा की जाती है चलो मै आपको इसके साथ जुडी लोक-कथा सुनाती हूँ कि यह त्योहार क्यो मनाया जाता है :-

बच्चो षष्ठी देवी को प्रकृति का छठा अंश भी माना जाता है. प्रथम मनु स्वावम्भुव( पहला मानव जिसकी हम सब सन्तान है ) का पुत्र था प्रियव्रत उसकी कोई सन्तान न थी और इसी कारण वह बहुत दुखी भी रहता था एक बार महर्षि कश्यप ने उन्हे पुत्रेष्टि यज्ञ( पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ ) कराने का परामर्श दिया ,और प्रियव्रत ने वह यज्ञ करवाया इससे उनके पुत्र हुआ लेकिन मृत बालक पैदा हुआ यह देख कर प्रियव्रत बहुत दुखी हुआ तभी नभ से एक ज्योतिर्मय विमान प्रक्ट हुआ और उसमे से सुन्दर देवी प्रक्ट हुई प्रियव्रत के पूछने पर उसने बताया कि वह ब्रह्मा जी की मानस पुत्री षष्ष्ठी है उस देवी ने जैसे ही उस बालक को स्पर्श किया तो वह बालक जीवित हो गया इसके बाद राजा प्रियव्रत ने षष्ठी तिथि को व्रत के रूप मे मनाने की परम्परा आरम्भ कर दी और आज तक यह त्योहार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को मनाया जाता है

बच्चो, इसका एक वैज्ञानिक तथ्य भी है क्योन्कि षठ पूजा मे लोग सुबह उठ कर सूर्योदय के समय भी तालाब या किसी नदी मे स्नान करते है ,तो उससे जो सूर्य की सुबह-सुबह की किरणे जो जल से होकर शरीर पर पडती है तो वह हमारे शरीर के लिए अत्यन्त लाभकारी होती है वैज्ञानिको ने भी स्वीकार किया है कि यह किरणे हमारे शरीर के लिए लाभकारी है

छठ पूजा की आप सब को हार्दिक बधाई एवम शुभ-कामनाएँ .....सीमा सचदेव


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4 पाठकों का कहना है :

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

अच्छी जानकारी दी है। इससे लोगों को छठ के महत्व के बारे में पता चलेगा।

rachana का कहना है कि -

छठ पूजा होती है मालूम था पर क्यों होती है नही मालुम था पढ़ के अच्छा लगा .हमारे देश में हर त्यौहार के पीछे कोई न कोई कारण होता है ये बात मुझे बहुत अच्छी लगती है
सादर
रचना

sahil का कहना है कि -

mere yahan bhi mast tarike se chhath manayi jati hai,thanx
ALOK SINGH "SAHIL"

sandy का कहना है कि -

BACHPAN SE SOCHTA AAYA KI PUJA TO SURYA DEV KI HOTI HAI,PHIR "CHATHI MAIYA" KE GAANE KYON BAJTE HAIN.

AAJ SAMADHAAN PAYA.DHANYWAD.


sandeep-gandhinagar gujarat

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