Tuesday, March 25, 2008

दुनिया अजब गजब है ..

दुनिया अजब गजब है ..


क्या आप जानते हैं कि सिनेमाघर में फिल्म शुक्रवार को ही आखिर क्यों बदलती है ?

हम बताते हैं आपको ..शुरू में फिल्म मूक होती थी !आर्देशर ईरानी ने सवाक यानी बोलने वाली फिल्मों की शुरुआत की आलमआरा फ़िल्म बना कर... शायद यह चलती बोलती तस्वीर की दुनिया में यह बहुत बड़ी बात थी यह घटना शुक्रवार को सम्पन्न हुई थी ..अतः सवाक फिल्मों की दिशा में मिली सफलता की याद में आज भी फिल्म शुक्रवार को ही सिनेमाघरों में बदलती है !


अब बताये कि नमस्कार कहते समय अक्सर दोनों हाथ क्यों जोड़े जाते हैं ???

वह इसलिए की देखने वाले को महसूस हो कि हमारे प्रति वह दिल में सम्मान व्यक्त कर रहा है और यह महसूस करने में अच्छा भी लगता है :) अगर सिर्फ़ बोल के नमस्ते कर दी जाए तो लगता है कि यह सिर्फ़ एक दिखावा हो रहा है ..यही हमारी संस्कृति भी है और यही हमे अपने बुजर्गों से मिले अच्छे संस्कार भी :)

क्या आप जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति जान ऍफ़ .कनेडी व्हाइट हॉउस में जिस डोलती कुर्सी पर बैठते थे वह एक नीलामी में ४,४२.५०० डालर की भारी कीमत पर बिकी थी .


आई बैंक एसोशिएशन आफ इंडिया के अनुसार भारत में दान की जाने वाली ९० प्रतिशत आँखे गुजराती और जैन धर्म के लोग दान करते हैं ..

आज इतना ही बाकी अगली बार .सबको नमस्कार हाथ जोड़ के :)


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8 पाठकों का कहना है :

seema sachdeva का कहना है कि -

वह इसलिए की देखने वाले को महसूस हो कि हमारे प्रति वह दिल में सम्मान व्यक्त कर रहा है और यह महसूस करने में अच्छा भी लगता है :यही हमारी संस्कृति भी है और यही हमे अपने बुजर्गों से मिले अच्छे संस्कार भी :)
अगर सिर्फ़ बोल के नमस्ते कर दी जाए तो लगता है कि यह सिर्फ़ एक दिखावा हो रहा है

kshama chaahungi ,lekin uprokat pankti ko is tarah (jaise maine likha )se lkha jaata to shaayad jyaada steek lagata . aapki rochak jaankaari padh kar bada achcha lagata hai , sach isse pahale maine kabhi nahi socha ki har picture friday ko hi kyo release hoti hai......seema sachdev

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

सुन्दर पाती और उससे भी सुन्दर उसका मजबून ( मजबून ही कहते हैं ना )

फ़्राईडे वाली बात बहुत रोचक..

बधाई

anju का कहना है कि -

सुन्दर पाती

mamta का कहना है कि -

रोचक और ज्ञान बढाती पाती ।

शोभा का कहना है कि -

रंजना जी
बहुत उपयोगी जानकारी दी है आपने। मुझे भी ये नहीं पता था। जानकारी बढ़ाने के लिए धन्यवाद।

राज भाटिय़ा का कहना है कि -

बहुत खुब.अच्छा लगा

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

आपकी जानकारी वाकई अजब गजब है। आशा है आगे भी इसी प्रकार की रोचक जानकारी प्रदान करती रहेंगी।

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

रंजना जी,

बाल-उद्यान पर उत्तम सामग्री आपकी ही है। बहुत-बहुत बधाई

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