Saturday, March 15, 2008

बाल-उद्यान की गतिविधियों से प्रिंट पत्रिकाएँ हो रही हैं परिचित

बाल-उद्यान ने किल्लोल किया


शाहपुरा, जयपुर (राज) से प्रकाशित होने वाली बच्चों की त्रैमासिक पत्रिका के मार्च-मई अंक में बाल-उद्यान की गतिविधियों को स्थान मिला है। बहुत खुशी की बात है कि इस पत्रिका का पहली सामग्री भी यही है। संपादकीय के बाद 'बाल-समाचार' शीर्षक से पृष्ठ संख्या ५ पर यह प्रकाशित हुआ है। इस पत्रिका की संपादिका हैं संगीता रॉय। स्वतंत्र पत्रकार रीतेश पाठक के सहयोग से बाल-उद्यान यहाँ तक पहुँच पाया है।

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7 पाठकों का कहना है :

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

बाल-उद्यान और हिन्द-युग्म परिवार के लिये यह गर्व का विषय है। सुनीता जी बधाई की पात्र हैं।

*** राजीव रंजन प्रसाद

रंजू का कहना है कि -

बहुत खुशी हुई यह देख कर .बधाई !!

seema sachdeva का कहना है कि -

bahut-baht badhaai ,bahut khushi hui dekhkar.....seema

anju का कहना है कि -

यह तो गर्व की बात है
मेहनत हमेशा रंग लाती है
यह सच्ची लग्न और परिश्रम का फल है
बधाई

sahil का कहना है कि -

बधाई हो सुनीता जी,बेहतरीन कदम
आलोक सिंह "साहिल"

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

दोनों सुनिता जी को बहुत-बहुत बधाई

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

जी मेरी तरफ से भी दोनो को ढेरों बधाइयाँ

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