Tuesday, January 27, 2009

बच्चों ने कुछ यूँ मनाया २६ जनवरी


२६ जनवरी को बाल-उद्यान (हिन्दयुग्म) की ओर से आदर्श कुंज, रोहिणी (दिल्ली) के प्रांगण में विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित कराईं गईं। १.५ घंटे तक चले कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीबन ११ बजे हुई। सबसे पहले वहाँ ध्वजारोहण हुआ व उपस्थित बच्चों व अभिभावकों ने राष्ट्रगान गाया। उसके बाद चित्रकला प्रतियोगिता में सभी बच्चों को कक्षा के आधार पर तीन श्रेणी में बाँटा गया। नर्सरी कक्षा, कक्षा तीन से पाँच व कक्षा छह से आठ की तीन श्रेणियाँ थी। छोटे बच्चों को अपने किसी प्रिय व्यक्ति का चित्र बनाने को दिया व बड़ों को जल बचाओ अथवा वृक्ष बचाओ जैसे शीर्षक दिये गये। जिस समय तक बच्चे चित्र बना रहे थे,उस बीच देशभक्ति के गीत बजाये जा रहे थे। जब तक सभी की पेंटिंग को अंक दिये जा रहे थे उनसे सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे गये और जवाब देने पर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। उसके बाद चित्रकला प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को पुरस्कार दिये गये। अंत में सभी बच्चों की दौड़ भी कराई गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों व बड़ों ने खूब आनंद लिया। अंत में कार्यक्रम की आयोजक और बाल-उद्यान की संपादिका नीलम मिश्रा ने लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा-
"सभी रोहिणी में आदर्शकुंज के निवासियों व साथियों का धन्यवाद करती हूँ ,,जिनके सहयोग के बिना कार्यक्रम शायद सफल नहीं हो सकता था, बच्चों के उत्साह ने फिर से मुझे कुछ पलों के लिए अपने बचपन में पहुँचा दिया, तपन जी अब हम लोग तो एक दूसरे को धन्यवाद तो कहेंगे नहीं, मगर समय पर पहुँच कर जो कुछ कार्यक्रम में आपका
सहयोग मिला, उसके लिए अब क्या कहें बस समझ लीजिए। जल्दी ही एक अगले सफल आयोजन की तैयारी करिए"



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12 पाठकों का कहना है :

सजीव सारथी का कहना है कि -

वाह नीलम जी आपका ये आयोजन बेहद बढ़िया रहा, अब बाल उधान सच में बहुत सक्रिय लग रहा है....हिंद युग्म को बधाई

Anonymous का कहना है कि -

neelam ji ko bahut bahut badhaai.....
magar bachchon ki paintigs bhi is mein lagaa di jaati to baal udyaan mein chaar chaand lag jaate....
manu "be-takhllus"

neelam का कहना है कि -

dheeraj rakhiye ,chaar chaand ki poori taiyaari hai ,thoda waqt dijiye ,key board par ungliyan kuch jaldi chalaate hain aap.

hahahahahahahaahahhaahahahahhaahahahahhahahahahahahaahahahahahaahahha

सीमा सचदेव का कहना है कि -

नीलम जी तस्वीरे देख कर बहुत मजा आया | निश्चय ही आपका आयोजन सफल रहा |
उसके लिए बाल-उद्यान और आपको बहुत-बहुत बधाई |अगली बार कोई ऐसा आयोजन हो
तो हमे अवश्य बुलाना | हां मुख्यातिथी का नाम अवश्य बताएं | तिरंगा फहराते हुए उनकी
तस्वीर देखी ,अगर उनसे परिचित भी करवा दे तो अच्छा लगेगा |बहुत-बहुत बधाई |

तपन शर्मा का कहना है कि -

इस कार्यक्रम में शामिल हो कर मुझे बहुत अच्छा लगा..
बहुत समय के बाद राष्ट्रगान किया.. तो मन में हर्ष भी हुआ और देश के सम्मान में ऐसा लगा मानो जितना कर सकते हैं उतना कम है..
बच्चे जोश में थे और उतने ही जॊश में अभिभावक भी.. नीलम जी ने जिस तरह से पूरे समारोह को सम्भाल कर रखा था उसमें बहुत मजा आ रहा था.. चाहें बड़ों और बच्चों की रेस हो चाहें बच्चों के गाये हुए गीत... प्रश्न उत्तर.. सब में बहुत मजा आया...
अगले कार्यक्रम के इंतज़ार में...

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

किन्हीं कारणों की वजह से आयोजन में शामिल नहीं हो पाया... यहाँ आयोजन की झाँकियों में शामिल होकर थोड़ा सुकून मिला.. आयोजन बहुत बढिया रहा ऐसे ही सफल आयोजनों कि फसल उगती रहनी चाहिये..
नीलम जी बहुत बहुत बधाई.. और सभी नन्हें बच्चों को ढेर सारा प्यार...

जय हिन्द..

निखिल आनन्द गिरि का कहना है कि -

देर से आने के लिए माफी....अच्छा लगा आपका आयोजन और रपट भी....मैं नहीं आ सका, बेहद अफसोस हो रहा है....
नीलम जी, आप बाल उद्यान के ज़रिये हिंदयुग्म के लिए अनूठा योगदान कर रही हैं...

manu का कहना है कि -

hamein to nikhil ji ye hind yugm wale tabhi bulaate hain ke office se gol hona pade.....jab ghar mein aaram se chhuti manaa rahe hote hain.....bore ho rahe hote hain.........
tab to koi bulaataa hi naheen....

neelam का कहना है कि -

सजीव जी ,मनुजी ,सीमाजी निखिलजी राघव जी ,
आयोजन की सफलता तो आप सभी के सहयोग से ही होती है ,प्रत्यक्ष रूप से ही उपस्थित न हो तो क्या हुआ ,सीमा जी मुख्यातिथि हमारे साथ रहने वाली ही एक साधारण सी महिला हैं ,जिनका नाम सारिका है ,हमे समय पर जिस की उपस्थिति मिली वही हमारे लिए मुख्या अतिथि था ,आप सभी लोग आने इतने इक्छुक थे ,सीमा जी अगली बार से हम आपको भी सूचित करेंगे ,हमारी जानकारी के
मुताबिक आप दक्षिण भारत में कहीं रहती हैं ,इसलिए वहाँ से आ पाना क्या वाकई
मुमकिन हो पायेगा आपके लिए ,मनु जी चित्र भेजे जा रहें हैं ,अगली बार से चित्र प्रतियोगिता के निर्द्दायक आप ही होंगे ,तपन जी भी आप के साथ होंगे |

manu का कहना है कि -

नीलम जी,
बच्चों के बीच तो मैं जरूर जाना चाहूंगा....अगर कोई बुलाएगा तो...

मगर ये निर्णायक ...और वो भी बच्चों का...ऐएसा तो मैं नहीं कर सकूंगा.......
एक अलग ही जिगर चाहिए होता है दस बीस मासूम बच्चों में से दो चार को छाँट कर इनाम देना ..या सम्मानित करना........
मुझसे ये नहीं हो सकेगा.....पर वैसे मैं खुशी से शामिल होना चाहूंगा.........

rachana का कहना है कि -

इतना सुंदर आयोजन की क्या कहें बच्चे जहाँ भी होते है वातावरण खुश नुमा होजाता है और जब नीलम जी हो साथ को क्या ही बात है
बहुत ही अच्छा लगा देख के
दिल से बधाई
रचना

Nirmla Kapila का कहना है कि -

नीलम जी इस सफल आयोजन के लिये बहुत बहुत बधाईतस्वीरें और स्लाड शो देख कर ही अनुमान लगा सकते हैं कि बहुत बडिया प्रयास रहा धन्यवाद्

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