Monday, June 23, 2008

बरसात

आई बरसात बरसे मच्छर
भैंस बराबर काला अच्छर

पढ़ें-लिखें वो होयें खराब
खेलें- कूदें वे बनें नवाब

नवाबों की गई नवाबी
सैंतालिस में आई आजादी

आजादी है मगर अधूरी
बचपन जब तक करे मजूरी

--डॉ॰ श्याम सखा 'श्याम'


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3 पाठकों का कहना है :

Smart Indian का कहना है कि -

श्याम जी आप धन्यवाद के पात्र हैं. बहुत बड़ी बात बहुत कम शब्दों में कह दी है आपने.

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

आजादी है मगर अधूरी
बचपन जब तक करे मजूरी

बढिया.....

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

बरसात का अच्छा चित्रण है।
बधाई।

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