Saturday, June 21, 2008

मम्मी-पापा

मेरी मम्मी सबसे अच्छी
मुझे खूब प्यार वो करती
पापा मेरे और भी अच्छे
संग मेरे वो रोज खेलते
सुबह-सवेरे उठ कर आते
प्यार से मुझको दोनों जगाते
मम्मी मेरी खाना बनाती
पापा मुझे तैयार कराते
खुशी-खुशी मैं बस्ता लेता
पापा मुझको छोड़ कर आते
स्कूल से जब मैं पढ़ कर आता
मम्मी से फिर मैं खाना खाता
होम-वर्क मैं अपना करके
गोदी में मम्मी की सो जाता
शाम को जब पापा हैं आते
पार्क में मुझको खेल खिलाते
रात को सोने से पहले मैं
अगले दिन का बैग लगाता
तुम भी मुझ जैसे बन जाओ
पापा-मम्मी के प्यारे बन जाओ
दोनों जब मुझे प्यार हैं करते
दुनिया से न्यारे हैं लगते

-डॉ॰ अनिल चड्डा


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3 पाठकों का कहना है :

Seema Sachdev का कहना है कि -

sundar rachana

sahil का कहना है कि -

बहुत सुंदर अनिल जी.
आलोक सिंह "साहिल"

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

मम्मी पापा मान जाओ, मुझको आइसक्रीम दिलवाओ।
बात नहीं ये नहीं कही, सिर्फ तुम्हारे मन में रही।

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