Monday, September 13, 2010

चिड़ियों का अलार्म

सुबह-सुबह ही मेरी बगिया
चिड़ियों से भर जाती है
उनके चीं-चीं के अलार्म से
नींद मेरी खुल जाती है।

वे कहतीं हैं उठो उठो
अब हुआ सबेरा जागो
उठ कर अपना काम करो
झटपट आलस को त्‍यागो।

मूल्यवान जो समय गंवा कर
बहुत देर तक सोते
प्‍यारे बच्चों जीवन में वह
अपना सब कुछ खोते।

शरद तैलंग


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8 पाठकों का कहना है :

माधव का कहना है कि -

nice

Anonymous का कहना है कि -

बहुत ही प्यारी कविता है । अंतिम पंक्तियों में नकारात्मक की बजाय साकारात्मक बात से बच्चों को बात समझाई जाए तो कविता ज्यादा प्रभावशाली होगी ,जैसे-
मूल्यवान न समय गंवा जो
सुबह-सुबह जग जाते
प्यारे बच्चो जीवन में वे
सब कुछ ही पा जाते ।

सुन्दर कविता के लिए बधाई ।
सीमा सचदेव

Disha का कहना है कि -

achchi kavitaa

रावेंद्रकुमार रवि का कहना है कि -

इस पोस्ट की चर्चा यहाँ है -
रिमझिम का प्यारा दोस्त कौन है? : सरस चर्चा (13)

shanno का कहना है कि -

बहुत प्यारी कविता है.

Anonymous का कहना है कि -

bakwas hai

ram का कहना है कि -

good

riya का कहना है कि -

very helpful

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