Sunday, April 18, 2010

बाल चित्रकार पूजा यादव की कूची का जादू

दोस्तो,

आज हम आपकी मुलाक़ात एक बेहद हुनरमंद बालिका से कराने जा रहे हैं। इस बाल चित्रकार के स्केच देखकर आप हैरान हो जायेंगे। हाथ कंगन को आरसी क्या। आप खुद देखें-


पूजा प्रेम यादव

जन्मतिथि- 17 जून 1997
कक्षा- 7
स्कूल- एसबीओए पब्लिक स्कूल, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
कक्षा में हमेशा शुरू के दो स्थानों में होती हैं।
रुचियाँ- चित्रांकन (ड्रॉइंग), चित्रकारी, नृत्य, किताबें पढ़ना और खेलना।
उपलब्धियाँ- राज्यस्तरीय और राष्ट्रस्तरीय एथलीट प्रतियोगिता में भाग लिया। ललित कला अकादमी की ओर से ड्रॉइंग और पेंटिंग के लिए ढेरों पुरस्कार प्राप्त किये। ज़ी, ज़ेप और इनफाइनाइट जैसे समूहों की ओर से डांसिंग के लिए अवार्ड। बूगी-वूगी में भी भाग लिया। राज्यस्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में पुरस्कृत।
























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17 पाठकों का कहना है :

Manju Gupta का कहना है कि -

पूजा की कला बेमिसाल है .देश-विदेश -जग मे सफलता का शिखर मिले .

तपन शर्मा का कहना है कि -

गजब की ड्राईंग है पूजा!!!!
कमाल है... बहुत अच्छे...आगे भी कोई नई ड्राइंग बलाओ तो बाल-उद्यान पर जरूर शेयर करना..

रश्मि प्रभा... का कहना है कि -

इस नन्हीं कुचिकार के जादू को ढेर सारा प्यार और आशीष

Bhupendra का कहना है कि -

Its amazing, its beautiful , I blessed for great future ,

विश्व दीपक का कहना है कि -

कमाल की कूची और कमाल की कूचिकार को मेरी तरफ़ से ढेरों आशीर्वाद.....

सारी तस्वीरें लाजवाब हैं... विशेषकर गणेश जी की।

बधाई स्वीकारो,
विश्व दीपक

Anonymous का कहना है कि -

Tooooooooooooooo Gooooooooooooooood.
May God Bless U ------DPP,Orissa

pooja का कहना है कि -

पूजा बेटा,

तुम्हारी पेंटिंग्स बहुत ही खुबसूरत हैं. इतनी छोटी उम्र में इतनी सुन्दर चित्रकारी ईश्वर की बहुत बड़ी देन है.
अपने इस हुनर को पूरी श्रद्धा से बनाए रखना.
आपके उज्जवल भविष्य के लिये बहुत बहुत शुभकामनाएं.

neelam का कहना है कि -

पूजा बिटिया ,तुम्हारी चित्रकलाएं देखकर हमारी आँखें फटी रह गयीं ,और दांतों तले ऊँगली भी दब गयी कि या अल्लाह किस को भेजा है ,बहत सुन्दर अपने इस हुनर को जिसके दो सबसे बड़े फायदे
"कि तुम्हारी एकाग्रता बढती है ,और एकाग्रता अच्छी होने से तुम इतनी अच्छी चित्रकार हो गयी हो " साथ ही साधुवाद उन सभी लोगों को जिन्होंने तुम्हारी इस प्रतिभा को निखारने में तुम्हारी मदद की , थोडा सा मजाक हो जाए (M.F HUSSAIN NE DEKH LI THI KI KYA TUMHAARI PRATIBHA ).वाकई जितनी तारीफ़ करें कम ही है ,पर ज्यादा इतराना नहीं ,अपने काम को ईमानदारी से करते हुए तरक्की के सारे सोपान को पाओ,ऊपर वाले से यही दुआ करती हूँ तुम्हारे लिए ,इतनी सारी BLESSINGS के बाद तुम हम सब लोगों को भी कुछ बताओ अपने बारे में ,
तुम्हारे विचार जानने की इच्छा में हम सब .

pooja का कहना है कि -

My sincerest thanks for all of your good wishes.Actually my mom wanted to give surprise to me by putting some of my sketches here.I am really happy to see.I will definately share my sketches.I love my parents who have always inspired me.Thank you mom.

शुभम सचदेव का कहना है कि -

पूजा दीदी आपनें तो बहुत सुन्दर-सुन्दर चित्र बनाए हैं । मुझे बहुत-बहुत-बहुत अच्छे लगे

hasnain का कहना है कि -

uaregoodartistnicepicture

श्रीकान्त मिश्र ’कान्त’ का कहना है कि -

हिन्दी की पुरानी कहावत है होनहार बिरवान के .....पूजा के रेखाचित्र यही सिद्ध कर रहे हैं. पेंसिल पर निरंतर अभ्यास भी एकलव्य के शर संधान की तरह ही है.

समय की पगड्ण्डी पर यह यात्रा बच्चे के नन्हे पांव और अब पूजा की साधना के साथ और भी गहरी हो यही शुभकामना ताकि भविष्य को कैनवास पर उतरने को यह प्यारे हाथ मिल सकें.

सस्नेह

manu का कहना है कि -

poojaa bitiyaa.....

ek bhi chitr nahin dekh paa rahe hain abhi.....


bas..tumhaari umar padhi hai .....

tumhein bahut bahut aashirwad betaa...

manu का कहना है कि -

दस के दस स्केच्स एक से बढ़कर एक लाजवाब हैं...
पूरी तरह से डूब कर बनाया हुआ है तुमने.....
जैसे कोई ग़ज़ल पढ़ रहे हैं..और एक के बाद एक नायाब शे'र सामने आते जा रहे हैं...जिनमे कुछ की तारीफ़ करना ठीक नहीं लग रहा....

बेटा ,
बहुत बहुत आशीर्वाद...

ρяєєтι का कहना है कि -

Excelent... sach kaha aapne "हाथ कंगन को आरसी क्या" bahut hi behtarin .. ek ek tasveer bolti nazar aa rahi hai...God Bless baccha....

निखिल आनन्द गिरि का कहना है कि -

मुझे भी ये नन्हीं कलाकार बहुत पसंद आई....आप बहुत आगे जाएं...

दीपक 'मशाल' का कहना है कि -

पूजा तुम्हारे बनाये सभी चित्र.. खासकर पेन्सिल चित्र बहुत सुन्दर लगे. रंग भरने का प्रशिक्षण लेने की जरूरत महसूस हो रही है. तुमसे बहुत संभावनाएं हैं.. पर लोगों की तारीफ़ में उलझ बस कहीं बंध कर मत रहा जाना.. क्योंकि मैंने ऐसे ही अपनी कला बर्बाद कर ली.. अपार सफलता के लिए शुभकामनाएं..

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