Sunday, June 21, 2009

सुनिए आलू, भालू, चिड़िया, बंदर मामा और हाथी पर कविताएँ

बच्चो,

हर रविवार हम आपके लिए पॉडकास्ट लेकर आते हैं। आज हम लेकर आये हैं दीपाली पन्त तिवारी "दिशा" आंटी की आवाज़ में कुछ कविताएँ। दिशा आंटी बेंगलुरू में रहती हैं। इन्हें कविताएँ लिखने का शौक है।

आलू बोला


बंदर मामा


भालू-चिड़िया


चंदा मामा


हाथी राजा


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3 पाठकों का कहना है :

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

अच्छा प्रयास। मगर ऐसा लगा कि जैसे कविताएँ अचानक खत्म हो रही हैं।

Shamikh Faraz का कहना है कि -

बहुत ही सुन्दर कवितायेँ सुनाई आपने.

Manju Gupta का कहना है कि -

Bal kavita ke liya badhayi.

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