Tuesday, January 26, 2010

अपना देश

आओ हम सब सोचें मिलकर
अपने जीवन के बारे में
जीवन में क्या बनना हमने
क्या देखा है अपने सपनों में.

हम आजाद देश के वासी हैं
आजादी से ही रहेंगे हम
कभी घमंड न करना बच्चों
पर गर्व जरूर रहे हरदम.

देश भक्ति और सदाचार के
गुण हम हर दिन ही गायें
हँसी ख़ुशी के बादल हम पर
खुशियाँ हर पल बरसायें.

उन महान लोगों ने मिलकर
आजाद यह देश कराया था
आजादी के झंडे को सबने
मिलकर शीश झुकाया था.

लड़ी लड़ाई देश की खातिर
और जंजीरों से मुक्त किया
रहे नहीं गुलाम किसी के
और अंग्रेजों को भगा दिया.

अच्छे-अच्छे काम करो तो
देश की उन्नति जिससे हो
सुन्दर रखो भावना अपनी
तुम इस देश के हिस्से हो.

ऊँच-नीच और भेद-भाव को
मन में ना तुम अपने रखना
कभी किसी को नहीं सताना
मिलजुलकर तुम सब रहना.

मेहनत करके जीवन में तुम
कुछ अच्छा बनके दिखलाओ
दीपक जैसे टिमटिम करके
हर दिन प्रकाश को फैलाओ.

-शन्नो अग्रवाल


आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

2 पाठकों का कहना है :

rachana का कहना है कि -

हम आजाद देश के वासी हैं
आजादी से ही रहेंगे हम
कभी घमंड न करना बच्चों
पर गर्व जरूर रहे हरदम.
are wah shanno ji kya khoob likha hai .itni pyari kavita likh rahi thi tabhi der se aain thin hai na.......
padh ke aanand aaya
badhai
saader
rachana

shanno का कहना है कि -

Bahut achcha laga ki aapne ise padha iska bahut dhanybad. Hamesha hi aapka saath aur ahsaas comforting lagta hai. Aur main aapse achcha kahan likh paati hoon.
Aapko bahut Shubhkaamnayen!

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)