Wednesday, January 20, 2010

सुनिए- हमको ऐसा वर दो माँ वीणावादिनी

बच्चो,


आज बसंत पंचमी हैं। मतलब बसंत का मौसम पाँचवे दिवस तक अपनी यात्रा पूरी कर चुका है। आज ही के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की भी पूजा होती है। नीलम आंटी और तुम सबकी दोस्त पाखी मिश्रा ने सीमा सचदेव आंटी द्वारा लिखित और पिछले साल प्रकाशित सरस्वती वंदना को अपनी आवाज़ों में रिकॉर्ड किया है। आप भी इनके साथ देवी सरस्वती की स्तुति कीजिए-


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3 पाठकों का कहना है :

रावेंद्रकुमार रवि का कहना है कि -

"बहुत प्यारी है!"
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"सरस्वती माता का सबको वरदान मिले,
वासंती फूलों-सा सबका मन आज खिले!
खिलकर सब मुस्काएँ, सब सबके मन भाएँ!"

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क्यों हम सब पूजा करते हैं, सरस्वती माता की?
लगी झूमने खेतों में, कोहरे में भोर हुई!
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संपादक : सरस पायस

shanno का कहना है कि -

नीलम जी,सीमा जी और प्यारी पाखी आप लोगों को धन्यबाद.
सबको बसंत पंचमी की बधाई! माँ सरस्वती सब पर कृपा करे.

vinay k joshi का कहना है कि -

माँ सरस्वती का आशीर्वाद ही
वह चमत्कार है जो अनेक चमत्कारों का जनक है
शुभकामना , अच्छी प्रार्थना , अच्छी आवाज और मनमोहक चित्र ,
आभार ,

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