Sunday, February 21, 2010

बचे हुए सामान से कुछ रचनात्मक चित्र

२६ जनवरी पर" बचे हुए सामान से कुछ रचनात्मक "बनाने का प्रयास करवाया गया था बच्चों से, उनमे कुछ उल्लेखनीय चित्र देर से ही सही पर आपके सामने लाये हैं उम्मीद है आप सभी को पसंद आयेंगे ,बच्चों के प्रयास को थोड़ी प्रशंसा मिलनी ही चाहिए जिसके वो असली हकदार हैं

पाखी मिश्रा (प्रथम पुरस्कार )कक्षा
बाल भारती पब्लिक स्कूल


हर्षिता नाँगिया (प्रथम पुरस्कार )कक्षा
बाल भारती पब्लिक स्कूल

प्राकृति घोष( सांत्वना पुरस्कार ) कक्षा
सचदेवा पब्लिक स्कूल
किशा अरोरा -प्रथम (नर्सरी कक्षा )
वेंकटेश्वर पब्लिक स्कूल

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8 पाठकों का कहना है :

Shanno Aggarwal का कहना है कि -

वाह! बहुत सुन्दर प्रयास रहा सभी का. बधाई!

Udan Tashtari का कहना है कि -

बहुत बढ़िया!! प्रतिभाशाली बच्चे हैं.

Manju Gupta का कहना है कि -

बेमिसाल चित्र और एक से एक बढकर उत्कृष्ट कलाकार .
बधाई .

डॉ० डंडा लखनवी का कहना है कि -

वाह! बहुत सुन्दर प्रयास हैं सभी का. बधाई!
डॉ० डंडा लखनवी (

तिलक राज कपूर का कहना है कि -

कल्‍पना के विस्‍तीर्ण पटल पर बच्‍चों की सहजता और कुछ व्‍यर्थ सामान। बच्‍चों की रचनात्‍मकता को उनसे ही निकलकर आने दें तो कैसे-कैसे रूप सामने आते हैं।
उम्‍दा।

एमाला का कहना है कि -

बेशक सुन्दर चित्र हैं..हमारे आयेश साहब भी कुछ न कुछ करते रहते हैं.

rachana का कहना है कि -

bachchon ki soch kitni age hai kitni rachnatmak hai chitr dekh ke pata lagta hai .sabhi bachchon ko meri taraf se bahut pyar aur ashirvad
saader
rachana

neelam का कहना है कि -

aimala
apne saahabjaade se kaho is baal udyaan ke liye bhi kuch taamir karen inshaaalaah hum intjaar karenge.


sabhi sudhijanon ko unki prtikriya ke liye shukriya

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