Thursday, August 16, 2007

मैं प्यार सभी को दूंगा




निश्चय रहा अब मेरा
आदर्श विद्यार्थी बनूंगा
सब लोगों का प्यारा बनकर
मैं प्यार सभी को दूँगा

हिस्से की जिम्मेदारियाँ
मैं हमेशा निभाऊंगा
हो जाने पर ही पूरा
काम मैं दम लूंगा

समय की कद्र करना
मैं कभी नहीं भूलूंगा
सब लोगों का प्यारा बनकर
मैं प्यार सभी को दूँगा

तुषार जोशी


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5 पाठकों का कहना है :

ऋषिकेश खोङके "रुह" का कहना है कि -

तुषार जी अच्छी कविता है , बच्चो को निश्चय ही कुछ सिखने को मिलेगा |

shobha का कहना है कि -

तुषार जी
अच्छा लिखा है । बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए
ऐसी ही रचनाओं की आवश्यकता है । बधाई

रंजू का कहना है कि -

समय की कद्र करना
मैं कभी नहीं भूलूंगा

तुषार ज़ी समय और अन्य बातो को अच्छे से बताते हुए यह कविता अच्छी लगी...

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

तुषार जी,

आपकी सरल सहज लेखनी से मुझे हमेशा से यहाँ अपेक्षा ठीक कि आप यदि बच्चों के लिये लिखेंगे तो उन्हें बहुत आनंदित करेगा।

बहुत सुन्दर बाल-कविता।

*** राजीव रंजन प्रसाद

रचना सागर का कहना है कि -

शिक्षा देने का सबसे अच्छा तरीका है कविता के माध्यम से बच्चों को संस्कारों से परिचित कराया जाये। बहुत सार्थक कविता है आपकी।

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