Friday, February 27, 2009

एयरो इंडिया शो में हुए हवाई करतब

नमस्कार प्यारे बच्चो ,
आज मैं आपको घुमाने ले चलती हूँ बंगलोर में हुए सातवें एयरो इण्डिया शो में यह शो बंगलोर के यलहन्का एयर-फोर्स स्टेशन में ११ फरवरी से १५ फरवरी तक पांच दिन तक चला जहां पर हमें भी एक दिन जाने आ अवसर मिला शो क्या था - देख कर किसी के भी रोंगटे खडे हो जाते खिलौनों की तरह आसमान में उडते हवाई जहाज़ उँचाई पर जाकर जब उलटे-सीधे , टेढे-मेढे जब करतब दिखाते तो किसी सागर मे तैरती हुई मछलियों की भान्ति प्रतीत होते और जब एफ-१८ विमान आसमान की उँचाई मे पांच किलोमीटर तक तीर की भान्ति सीधे ऊपर गया और देखते ही देखते हमारी आँखों से ओझल हो गया और फिर किसी दूसरी दिशा मे नीचे को आया तो ऐसा लगा मानो सागर में से कोई मछली उछल कर बाहर निकली हो और पानी में अठखेलियां कर रही हो विमानों की ते़ज़ आवाज़ किसी को भी अपने कान बंद करने पर मजबूर कर देती वहां पर २५ देशों की विमान कंपनियों ने अपनी-अपनी प्रदर्शनी भी लगाई थी आसमान मे घूमते विमान का अदभुत नजारा देख कर पूरा वातावरण तालियों और सीटियों से गूँजने लगता और तब तो वहां मौजूद हर किसी का मन भाव-विभोर हो उठा जब छ: विमान एक साथ आए और आसमान को तिरंगे के रंगों से भर दिया आस मान में चारों तरफ तिरंगा लहरा रहा था और तब वहां मौजूद लाखों दर्शकों का अपने देश और अपने तिरंगे के प्रति जो भाव उमडा वो शब्दों मे ब्यान नहीं किया जा सकता , केवल उसे महसूस किया जा सकता था कौन कहता है कि हमारे देश-वासियों को देश से प्यार नहीं...? हर कोई अपने हाथ मे कैमरे / मोबाईल पकडे उस अदभुत नज़ारे को कैद कर लेना चाह्ता था और सब ने अपनी-अपनी कोशिश से किया भी ऐसे ही कुछ नज़ारों को हमने भी अपने कैमरे में कैद किया और वो अनुभव मैं सबके साथ बांटना चाहुंगी ताकि अगली बार अगर मौका मिले तो आप भी इसका आनन्द ले सकें सच मे यह शो अगर नहीं देखा होता तो हम बहुत सारी बातों से अनभिज्ञ ही रह जाते उम्मीद है तस्वीरें देख कर आप भी उस दृश्य को कुछ तो महसूस कर पाएंगे
































आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

4 पाठकों का कहना है :

seema gupta का कहना है कि -

" wow.....bhut mjedaar aalekh or drshy..."

Regards

manu का कहना है कि -

शुक्र है,,,,के कोई तो वहाँ पर था जो हमें आसमान में झूमता तिरंगा दिखा सका...
अगर ये स्नेप्स आपके मोबाइल से लिए गए हों तो बुत बहुत बधाई आपको..........
शानदार हैं,,,,,

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

आसमान को चीरते,
देखे 'सलिल' विमान.
नाप न मन पंछी सका,
विस्तृत नील वितान.
सुन्दर छायाचित्र हैं,
दृश्य हुआ साकार.
निराकार में तिरंगा,
मन-भाया आकार.

साधुवाद.

-sanjivsalil.blogspot.com
-divyanarmada.blogspot.com

rachana का कहना है कि -

बहुत सुंदर .
सीमा जी धन्यवाद की इतनी सुंदर तस्वीर दिखाई
रचना

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)