Monday, April 7, 2008

मेरा डागी


मेरा डागी, मेरा डागी,

सबसे प्यारा मेरा डागी,

रोज नये वो खेल खिलाता,

सबसे न्यारा मेरा डागी,

सुबह-सुबह वो उठ कर आता,

प्यार से मेरा मुँह सहलाता,

सपनों से मुझको है जगाता,

इतना मुझको प्यार दिखाता,

जोर-जोर से पूँछ हिलाता,

माना, बोल नहीं वो पाता,

फिर भी सब कुछ है समझाता,

इधर कूदना, उधर कूदना,

सारा दिन है मन बहलाता,

न कोई झगड़ा, न कोई लफड़ा,

रूठूँ तो मुझको है मनाता,

चोट ज़रा सी लग जाती तो,

प्यार से उसको है सहलाता,

कितना सुंदर मेरा डागी,

हरदम मुझको प्यार जताता,

निश्छल, सीधा मेरा डागी,

हम सबको है प्यार सिखाता !



रचनाकार- डॉ॰ अनिल चड्डा


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12 पाठकों का कहना है :

अवनीश एस तिवारी का कहना है कि -

डागी की तरह रचना प्यारी है |

अवनीश

रंजू का कहना है कि -

सुंदर कविता :)

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

Bhut khoob. Kavita aur photo dono bahut pyare hain.

©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah) का कहना है कि -

तिवारी जी, रंजु जी एवं रजनीश जी,

रचना पसन्द आने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद !

EKLAVYA का कहना है कि -

बहुत ही अच्छा लिखा है सही बात है बचपन मे कभी कभी हमे कुछ चीजें बहुत ही प्यारी लगने लगाती हैं जिसका की आप व्रेदान्न नही कर सकते लेकिन हाँ एक कविता ही है जिसके मध्यम से आप भओं को विचारों का रूप पर्दान कर लेखनी के मध्यम से लोगों के बीच उतर सकते हैं

seema sachdeva का कहना है कि -

pyaare se DOGI jaisi hi pyaari kavita bhi

Leepikaa Bhattacharya का कहना है कि -

namashkar..mere sabhi kavi mitro..aaj main pahli baar hindi main koi kavita pad rahi hun aur mujhe bahut hi aacha laga....dr. anil jee ko main bdhae deti hun...

©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah) का कहना है कि -

एकलव्य, सीमाजी एवं लिपिकाजी,

कविता की प्रशंसा के लिये आभारी हूँ । आगे भी प्रयास जारी रहेगा ।

sahil का कहना है कि -

बेहतरीन,प्यारी रचना है
आलोक सिंह "साहिल"

©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah) का कहना है कि -

धन्यवाद साहिलजी !

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

अनिल जी,

आपकी बाल कविताएँ मन को मोह लेती हैं।

Kavi Kulwant का कहना है कि -

अच्छी प्रवाहपूर्ण बाल कविता...

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