Thursday, September 4, 2008

असफलता से मत घबराओं

एक बार की बात है जब थॉमस एल्बा एडीसन करीब 67 साल के थे, उनकी एक करोड़ो रूपये की फैक्टरी थी। एक हादसे में उनकी उस फैक्टरी में आग लग गई और सम्पूर्ण फैक्टरी जल कर राख हो गई। उस समय उनकी फैक्टरी का बीमा भी काफी कम था, और वे भारी नुकसान से जूझ रहे थे। एडीसन जो अब बूढ़े हो चुके थे, इस अग्निकांड से बहुत दुखी थे किन्तु उनके दिल से एक ही बात निकली- जो होता है अच्छा ही होता है। हमारी सारी कमियॉं इस फैक्ट्री में जल कर राख हो गई। अब मै कुछ नये सीरे से सोच सकता हूँ।  


इतना बड़े हादासे के मात्र तीन हफ्ते बाद ही  उन्होंने फोनोग्राफ़ का आविष्कार किया, इसलिये हम सीख ले सकते है कि जहॉं चाह वहॉं राह। जीवन में तो बहुत ही घटनाये होती रहती है किन्तु उनके आगे घुटने टेकने के बजाये हमें उनके लड़ने की ताकत जुटानी चाहिये। 


आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

5 पाठकों का कहना है :

Udan Tashtari का कहना है कि -

५ दिन की लास वेगस और ग्रेन्ड केनियन की यात्रा के बाद आज ब्लॉगजगत में लौटा हूँ. मन प्रफुल्लित है और आपको पढ़ना सुखद. कल से नियमिल लेखन पठन का प्रयास करुँगा. सादर अभिवादन.

pradip का कहना है कि -

teacher is very important role in our life teacher said me ,"i can do it ",then you can seccec in life

Jasp Vivekanand का कहना है कि -

Great incidence... and keep us to be optimistic..

gourav kumar का कहना है कि -

mai bahut khush hu is site par visit karke. mujhe achchh laga

gourav kumar का कहना है कि -

today is teachers day Happy Teachers Day.
".गुरु गोविन्द दोउ खड़े, काके लागु पाय, गुरु बलिहारी आपकी गोविन्द दियो बताये | --- शिक्षक दिवस पर आज अपने गुरुओं को याद करके उनको शत शत नमन करता हूँ |"

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)