Tuesday, October 7, 2008

अष्टम् महागौरी


नन्हें सितारों!
आप बस कहानी ही सुन रहे हैं या पढ़ाई भी कर रहे हैं? गृह कार्य किया या नहीं? गृहकार्य अवश्य कर लेना वरना माँ नाराज़ हो जाएगी फिर आप कहानी कैसे सुनेंगें ? समझ गए ना ? बहुत अच्छे ।
आज अष्टमी है। आज के दिन महागौरी का पूजन होता है। ये गौरवर्णा और चार भुजा धारी हैं। इनका वाहन शेर है। इनकी मुद्रा एकदम शान्त है। अपने पार्वती रूप में इन्होने महान तप किया था जिसके कारण इनका शरीर काला पड़ गया था। इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इनके शरीर पर गंगाजल छिड़का था जिससे वह पुनः कान्तिमान हो उठा। तभी से इनका नाम महागौरी पड़ गया।
दुर्गा पूजा के आठवें दिन इनकी पूजा होती है। ये अमोघ फल को देने वाली हैं। इनका ध्यान बहुत कल्याणकारी है। इस दिन कन्या पूजन भी होता है। घरों में छोले-पूरी और हलवे का प्रसाद बनता है। तो प्रणाम करो महागौरी को और आनन्द लो प्रसाद का। जय माँ गौरी।


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5 पाठकों का कहना है :

seema gupta का कहना है कि -

जय माँ गौरी।

sahil का कहना है कि -

वाह! मजा आ गया.जय हो जी/
आलोक सिंह "साहिल"

निरन्तर - महेंद्र मिश्रा का कहना है कि -

जय जय जय माँ गौरी .

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

जय माँ गौरी शंकर बाम ...

ओफ्फो.. ये बसों में बिकने वाली शंकर बाम की बात नही है बाबा.. समझो तनिक.. आई मीन टू से भगवती गौरा ( शंकर भागवान जी की बामांगी )
हाँ तो...

जय माँ गौरी शंकर बाम ...
पूरन करती सारे काम...

जोर से बोलो ----- जय माता दी..

Udan Tashtari का कहना है कि -

जय जय माँ गौरी .

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