Thursday, October 9, 2008

विजयदशमी


प्यारे बच्चों!

आज दशहरा है। इसे हम विजयादशमी के रूप में भी मनाते हैं। दशहरा आश्विन मास की दसवीं तिथि को मनाया जाने वाला उत्सव है। इसके आने से पहले ही शक्ति की उपासना शुरू हो जाती है। भगवान राम ने भी इन दिनों माँ शक्ति की आराधना की थी और दशहरे के शुभ दिन रावण का नाश किया था। आज के दिन जगह-जगह रावण का पुतला जलाया जाता है।

प्यारे बच्चों! दुनिया में बुराइयों और बुरी शक्तियों से लड़ना बहुत आवश्यक होता है। कुछ पल के लिए अच्छाई भले ही विलीन हो जाए किन्तु अन्त में विजय अच्छाई की ही होती है। अगर संसार में सुख से रहना है तो स्वयं को शक्तिशाली बनाना होगा। यदि हम कमजोर हैं तो कुछ भी नहीं कर सकते। आज देश में बहादुरों की आवश्यकता है। बुराई पर विजय पाने का यह पर्व हम सबमें बुराई से लड़ने की शक्ति पैदा करे यही कामना है। जय श्री राम।


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3 पाठकों का कहना है :

अशोक पाण्डेय का कहना है कि -

शोभा जी, अच्‍छा लिखा है आपने। बुराई पर अच्‍छाई की विजय के प्रतीक पावन पर्व विजयादशमी पर आप सब को हार्दिक शुभकामनाएं।

रंजना [रंजू भाटिया] का कहना है कि -

दशहरे की बधाई ..अच्छी जानकारी दी है आपने

Udan Tashtari का कहना है कि -

विजय दशमी पर्व की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.

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