Saturday, October 25, 2008

दीवाली /बन्दी छोड़ दिवस

नमस्कार बच्चो,
अभी दीवाली की तैयारी तो खूब धूम-धाम से चल रही होगी। आप लोग भी खूब मजे ले रहे होंगे, तो चलो आज मैं आपको वो बाते बताऊँगी जिसके लिए यह त्योहार पूरे भारतवर्ष में विभिन्न धर्मों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी ,गणेश जी की पूजा की जाती है,पूरे घर में दीपक जलाए जाते हैं, सजावट की जाती है, रंगोली बनाई जाती है और खूब मिठाइयाँ और उपहार बाँटे जाते हैं

१. श्री राम जी की कहानी तो आप सब लोगों ने सुन रखी होगी कि इस दिन प्रभु श्री राम चौदह वर्ष का वनवास काट कर लक्ष्मण और सीता जी के साथ अयोध्या वापिस आए थे इस खुशी में अवधवासियों ने दीपमाला की थी तभी से यह त्योहार हिन्दू धर्म में बड़े उत्साह/उल्लास से मनाया जाता है

आपको पता है इसको जैन धर्म और सिक्ख धर्म में भी उतने धूम-धाम से मनाया जाता है

२. सिक्ख धर्म में इस दिन को "बन्दी छोड़ दिवस" भी कहा जाता है. इस दिन सिक्खों के छठें गुरु "श्री गुरु हरगोबिन्द" जी १६१९ ई. में ग्वालियर के किले से मुगल बादशाह जहाँगीर की कैद से अपने ५२ शिष्यों के साथ रिहा हो कर अमृतसर "श्री हरमन्दिर साहिब" पहुँचे थे. उनकी रिहाई की खुशी में उनके शिष्यों द्वारा धूम-धाम से खुशी मनाई गई. तभी से यह दिन सिक्ख इतिहास में "बन्दी छोड़ दिवस" के रूप में मनाया जाता है.

३. जैन धर्म में यह दिन खास महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन "महावीर स्वामी "जी को निर्वाण प्रप्ति हुई थी

४. एक और बात आपको पता है पाण्डवों को भी १२ वर्ष का वनवास काटना पड़ा था और कार्तिक मास की अमावस्या की रात्रि को वो अपना वनवास पूरा कर वापिस आए थे

५.कुछ जगहों पर इसे बिजाई के त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है

इस दिन लोगों द्वारा खूब पटाखे/फुलझड़ियाँ भी चलाए जाते है। त्योहार खुशी से मनाना चहिए। लेकिन साथ में यह ध्यान भी रहे कि कोई नुक्सान न हो। अब लोगो द्वारा कितने पटाखे चलाए जाते है और उनसे निकलने वाला जहरीला धुआँ नभ में फैलता है और वायु को दूषित कर देता है। उसी वायु में हम सब साँस लेते हैं और वही जहर हमारे अन्दर कई बीमारियों का कारण बनता है जाने-अनजाने हम अपने वातावरण को दूषित करते हैं। तो बच्चो आप दीवाली खूब धूमधाम से मनाना लेकिन अपने पर्यावरण का भी ध्यान रखना। क्यों न हम दीवाली को नए अन्दाज मे मनाएँ कुछ ऐसा सोचे कि चहुँओर खुशहाली छा जाए। आपने दीवाली कैसे मनाई मुझे बताना जरूर। यह त्योहार अधर्म पर धर्म की, अन्धेरे पर प्रकाश की विजय का त्योहार है। इस दिन सब भेद-भाव तथा नफरत को मिटा कर ही हम त्योहार का असली आनन्द ले सकते है। तो आएँ हम सब मिलकर नफरत की दीवारो को मिटा सद्-व्यवहार और सद्-विचारो का प्रकाश फैलाएँ


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दीपावली की आप सब को हार्दिक बधाई एवम शुभकामनाएं- सीमा सचदेव


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6 पाठकों का कहना है :

neelam का कहना है कि -

bahut achchi jaankaari ,badon ko bhi nahi pata hoga itna sab kuch shukriya ,itni achchi jaankari ke liye ,sath hi subhkaamnaayen deepaawali ki aapko evm aapke samast parivaar ko bhi

शोभा का कहना है कि -

seema ji;
bahut achhi jaankari de rahi hain aap. deepawali ki bahut bahut shubh kamnayen.

sahil का कहना है कि -

bahut hi sundar.
ALOK SINGH "SAHIL"

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

इतनी जानकारी तो मुझे नहीं थी। बहुत ज्ञानार्ज हुआ। लगे रहिए।

rachana का कहना है कि -

सीमा जी
आप ने बहुत अच्छी जानकारी दी है बच्चों के साथ मुझे भी कुछ नया पता चला
सादर
रचना

rachana का कहना है कि -

सीमा जी
आप ने बहुत अच्छी जानकारी दी है बच्चों के साथ मुझे भी कुछ नया पता चला
सादर
रचना

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