Thursday, September 13, 2007

प्यारे फूल





फूल फूल प्यारे फूल
कितने न्यारे प्यारे फूल

अपने आँगन में लगाओ
अपने बागों मे लगाओ

नन्हे प्यारे सुन्दर फूल
लाल, गुलाबी, नीले, पीले
है ये रंग बिरंगे फूल



कितने नाजुक कितने कोमल
है
ये एक डाल के फूल
काँटों में भी हँसते फूल
फूल फूल प्यारे फूल
कितने न्यारे प्यारे फूल


-रचना सागर
रचना तिथी : ०१.१०.१९९५





यह मेरी पहली रचना है
मै तो तब ८वीं कक्षा में थी


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7 पाठकों का कहना है :

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

रचना जी

फूल से बच्चों के लिये आपकी यह रचना- प्यारे फूल सटीक बन पडी है। उसपर यह आपके भी बालपन की कविता है उसपर इसका इस मंच पर महत्व और भी बढ जाता है।

बहुत अच्छा प्रस्तुतिकरण। चित्र भी आपने अच्छे लगाये हैं।

बधाई आपको।

*** राजीव रंजन प्रसाद

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

रचना के रचना तरुवर से
एक फूल अनमोल खिला..
बच्चों के हित की कविता सच
सीखने को बहुत मिला..
बाधाओं से हँसकर लड़ना
ज्यों खिलता काटों में फूल
ये अनमोल बातें हैं बच्चो
जीवन में मत जान भूल..

रचना जी बच्चों कि तरफ से ओर मेरी बहुत बहुत धन्यवाद.
बेहद खुशी इस बात की कि ये आपके बालपन की कविता है..
नमस्कार.

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

बच्चों को फूल दिखाते वक़्त यह गीत गाकर सुनाया जाय तो उनको बहुत अच्छा लगेगा।

अजय यादव का कहना है कि -

बहुत खूब, रचना जी! आप १२ साल पहले भी बहुत अच्छा लिख लेतीं थीं. बहुत बधाई!

रंजू का कहना है कि -

फूलो जैसे बच्चे और उस पर यह प्यारी सी कविता
बहुत सुंदर लगी रचना जी ...बधाई

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

फूलों का बडा सुन्दर चित्रण किया है आपने। इसके साथ ही साथ आपने फूलों का चित्र भी बडा प्यारा लगाया है। बधाई स्वीकारें।

Gita pandit का कहना है कि -

रचना जी.


खुशी इस बात की है...
कि ये आपके बालपन की कविता है..

फूलों का सुन्दर चित्रण,
फूलों का सुन्दर चित्र ...

बधाई

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