Friday, March 20, 2009

लंगडा सिपाही

जापान में एक लंगडा लड़का रहता था उसका नाम ताकाहासी था उसके माता पिता उसे बहुत प्यार करते थे एक बार पड़ोस के एक राजा ने ताकाहासी के राजा पर चढाई कर दी राजा ने एलान किया - "देशवासियों ,यह संकट का समय है इसे अकेले निपटना किसी एक के बस की बात नहीं है ,छोटे -बड़े सभी की सहायता की जरूरत है "
यह सुनकर ताकाहासी सेना में भरती होने चला गया ,परन्तु लंगडा होने के कारण उसे भरती नहीं किया गया ताकाहासी उदास होकर लौट रहा था राह में एक साधु मिला साधु ने ताकाहासी से पूछा -"बेटा तुम इतने उदास क्यों हो ? ताकाहासी ने कहा - क्या करुँ ?मै देश के लिए लड़ना चाहता था ,परन्तु मुझे सेना में भरती नहीं किया गया "साधु ने कहा -"तुम सेना में भरती हुए बिना भी देश की भलाई कर सकते हो जाओ ,आज से देश की सडकों के किनारे पेड़ लगाना शुरु कर दो यह भी देश की एक महान सेवा होगी " लड़के ने ऐसा ही किया उसने एक सड़क के किनारों पर बहुत से पेड़ लगाए ये बहुत से पेड़ आज भी खड़े हैं जिस सड़क पर उसने पेड़ लगाए थे ,उसका नाम "ताकाहासी सड़क "है ताकाहासी ने लंगडा होते हुए भी देश -सेवा की और अपना नाम अमर कर दिया

संकलन
नीलम मिश्रा


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3 पाठकों का कहना है :

सीमा सचदेव का कहना है कि -

इरादे नेक हों और सच्चा देश प्यार तो कोई भी सीमाएं बाधा नहीं बन सकती |
बहुत ही शिक्षा प्रद वाक्या और आज समय की मांग भी यही है कि हम बच्चों में
ऐसी भावना जाग्रत करें

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

प्रेरक दृष्टांत... पौधारोपण वर्तमान समय की महती आवश्यकता है. पौधे लगाकर उनके पेड़ बनाने तथा पेड़ बन जाने पर कटाई से बचाना बहुत जरूरी है. नीलम जी१ इस प्रस्तुति के लिए साधुवाद.

manu का कहना है कि -

जी,
मनुष्या जिस किसी तरह से भी कुछ करने की स्थति में हो ,वही देश सेवा या समाज सेवा होती है,,,,,
बहुत ही अच्छा सन्देश लिए छोटी सी कहानी बड़ी अच्छी लगी,,,

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