Thursday, April 16, 2009

क्या आप जानते हैं ?

जम्हाई क्योँ आती है ?

थक जाने पर जब हमे आलस्यवश नींद आने लगतीहै ,तो हम जम्हाई लेते हैं |दूसरे शब्दों में जम्हाई तभी आती है
जब हम गहरी साँस नही ले पाते हैं और हमारे खून में आक्सीजन की कमी हो जाती है |
हमारे मष्तिस्क में एक छोटा सा ज्ञान- तंतु होता है जिसका संबंध हमारी श्वास -क्रिया से है |खून में किसी भी प्रकार का परिवर्तन होते हीइसे सूचना मिल जाती है |जब इस
ज्ञान- तंतु को यह पता चलता है कि खून में अक्सीजन की कमी हो गई है तो यह हमे गहरी साँस खीचने के लिए मजबूर करता है |गहरी साँस खीचतेही खून में ओक्सीजन की कमी पूरी हो जाती है |यही कारण है कि हम जम्हाई लेते है |


जम्हाई लेना एक प्रकार से गहरी साँस खीचना ही है



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12 पाठकों का कहना है :

Science Bloggers Association का कहना है कि -

रोचक जानकारी।
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तस्‍लीम
साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav का कहना है कि -

ऑक्सीजन की खून में करने को भरपाई ।
ज्ञान तंतु की मदद से आती हमें जम्हाई ॥
इसका मतलव खींचली वायु से ऑक्सीजन ।
हो जम्हाई पर पाबन्दी ये सबसे बढिया रीजन ॥
वर्ना एक दिन O2 खत्म हो जायेगी इस भू से ।
अब जम्हाई न आये किसी को विनती यही प्रभू से ॥
और जम्हाई जो भी लेगा O2 टेक्स लगेगा ॥
सुबह सुबह हर कोई इस पर बिना जम्हाई जगेगा ॥
पब्लिक में अब जम्हाई लेना, वर्जित होगा भाई ।
या तो अब चालान कटा लो, या फिर हाथापाई ॥
मेरे ऐरिया की ऑक्सीजन कैसे तुमने ले लोगे ।
अगर ले लिया है गलती से तो भुगतान करोगे ॥
किसने सोचा ये जम्हाई दिन ऐसे भी दिखलायेगी ।
होठ पकडकर बंद कर लुंगा जब भी मुझको आयेगी ॥

सचेत जो जाओ भाईओं...

neelam का कहना है कि -

ek seedhi si baat me haasy kaise samaahit kiya jaa sakta hai ,seekhna hai to raaghav ji se seekhiye ,

anokhaa andaaj

दिनेशराय द्विवेदी का कहना है कि -

मुझ बालक का भी ज्ञान वर्धन हुआ। आप को धन्यवाद!

Divya Narmada का कहना है कि -

राघव का लाघव अमित, नमन करू कर जोड़।

manu का कहना है कि -

आआआआआआआऊऊऊऊऊऊऊऊऊ
हाआआआआआ .............

हां याद आया,
इस बार का राघव जी का मुश्किल प्रशन पत्र पढ़कर बहुत जम्हाई आयी थी,,,,,,
शायद दिमाग की बत्ती गुल होने पर भी आती है जम्हाई....
यदि कोई सज्जन रिसर्च करना चाहें तो वैसा ही मुश्किल प्रश्न पत्र ले आयें..... और मुझे साथ में बैठाकर रिसर्च करें.................

यदि वैसा प्रश्न पत्र दोबारा उपलब्ध ना हो तो किसी टॉप के यूनी कवी की रचना के साथ भी यह प्रयोग किया जा सकता है........
वो भी कहा आती है भेजे में,,,,,,,,,,,?

neelam का कहना है कि -

baal udyaan par unikavi aur gairjaroori baat karne par saja mil sakti hai ,aap ki saja manu ji to jagjaahir hi hai ki ,bus aapki topi jabt kar li jaayegi .to chanda mama ji aage se tippni sirf aur sirf baaludyaan ki hi honi chaahiye .
hahahaahahhahahahaahahahahahahahaha

सीमा सचदेव का कहना है कि -

जम्हाई की जानकारी तो जम के आई नीलम जी, ऊपर से राघव जी विशलेषण और मनु जी का शोध कार्य- क्या तालमेल बैठाया है
अपने शोध कार्य में |वैसे हमीं यह कहने से हिचक रहे थे और मनु जी ने सीधे-स्पष्ट कह दिया , अब नीलम जी अगर टोपी उतारने पर ऊतारु
हो जाएँ तो .....:::::)))), नीलम जी , अगर जम्हाई की बात निकली ही है तो दूर तलक तो जाएगी ही न | वैसे
मनु जी अगर अब भी आपका शोध-कार्य पूरा न हुआ हो तो हम आपकी सहायता किए देते है----ऐसे यूनिकवि की अविता देखिए ( पढा तो जाता ही नहीं )
जिनको दो-दो बार सम्मान से नवाज़ा गया हो | फिर भी पता न चले तो हम है न सीधा लिंक चिपका देन्गे यहां पर |
अब चलती हूँ , वरना नीलम जी मेरे लिए बाल-उद्यान पर नो-एन्ट्री बोल देन्गी ::::::)))))))

सीमा सचदेव का कहना है कि -

ओह ! शोध कार्य के चक्कर मे कविता अविता हो गई |
अब चलो सारे बच्चे पूरा मुँह खोल के जम्हाई लो , हाँ
जम्हाई लेते हुए मुँह पे रुमाल/ हाथ रखना जरूरी है ,
कहीं जुबान फिसल कर बाहर आ गई तो आचार-संहिता
का उलंघन होगा न ह्ह्ह्ह्हाआआऊउउउउउउउउउउउउउऊaaaaaaaaaaaaaaaaa

manu का कहना है कि -

आआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्हूऊऊऊऊऊउ,,,,,,,,,,,,,
अब सोने दो.... ,,
हाँ,
अगर कोई टोपी उतारे भी तो वापस वहीँ रख दे प्लीज,,,,
आआआअह्ह्हूऊऊऊ,,,,,,,,,

तपन शर्मा Tapan Sharma का कहना है कि -

सही जानकारी.. मैं तो भूले पड़ा था...

Shanno Aggarwal का कहना है कि -

O My God! इतने लोग यहाँ साथ में मिलकर जम्हाई ले रहे हैं. मेरी गरदन में जो हवा लग रही थी वह आप सबकी जम्हाई लेने की खूबी थी. और मैं सोच रही थी कि कहीं खिड़की तो नहीं खुली है कहीं. तो यह माजरा है कि आप लोग यहाँ सभा जमाये बैठे जम्हाई के competition में व्यस्त हैं कि कौन सबसे लम्बी जम्हाई लेता है. Disgusting .....haa, haa, ही,ही,haa,haa ,ही,ही, heeeeeeee. कुछ बच्चे कितने कामचोर हैं और फिर बिना कोई काम किये ही लम्बी-लम्बी जम्हाइयां लेकर मस्ती कर रहे हैं. अच्छा बहाना है दिमाग में oxyzen की कमी को पूरा करने का. जबरदस्ती जम्हाईयों को न्योता दिया जा रहा है, वाह! यह तो अच्छा हुआ कि मैंने ढूंढ निकाला आप सबको. मैं भी कहूं कि यह सब बच्चे कहाँ मटर-गश्ती कर रहे हैं. आप सबको जम्हाई लेते देखकर मुझे भी अब आने लगीं है जम्हाइयां. मैं तो लोगों अब जाती हूँ nap लेने के लिये लेकिन आज नीलम जी ने पहेलिओं को सुलझाने का काम भी आप लोगों को दिया है तो उस कक्षा में भी सब अपनी-अपनी तशरीफ़ का टोकरा मेहर बानी करके अवश्य लायें.
वैसे नीलम जी आपकी इस रिसर्च की दाद देनी होगी कि आप ने जम्हाई आने के रहस्य पर से पर्दा उठा दिया. Welldone!! keep up the good work.

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