Wednesday, November 4, 2009

छ: एकम छ:



छ: एकम छ:,
छ: दूनी बारह,
किसी भी गल्ती को,
करना न दोबारा।

छ: तीए अट्ठारह,
छ: चौके चौबीस,
सवाल हल न हो,
तो करते रहना कोशिश।

छ: पंजे तीस,
छ: छेके छत्तीस,
थोड़े से बादाम,
साथ में खाना किशमिश।

छ: सत्ते बयालीस,
छ: अट्ठे अड़तालीस,
प्यार पौधों से करो,
रखना न लावारिस।

छ: नामे चौव्वन,
छ: दसे साठ,
मेहनत करने के लिये,
करना इक दिन-रात।

--डॉ॰ अनिल चड्डा

दो एकम दोतीन एकम तीनचार एकम चारपाँच एकम् पाँच


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2 पाठकों का कहना है :

neelam का कहना है कि -

७,८,९,१०,के पहाडों का इन्तजार है ,ताकि हम बेसुरा अलाप लगा सकें हहहह्हहहाह हिंदी में ही हसिये (गौर करने की बात है की संवेदनाओं की कोई भाषा नहीं होती है )

©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah) का कहना है कि -

शीघ्र ही आयेंगें, नीलमजी !

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