Saturday, November 10, 2007

जानिए गोवर्धन पूजा के बारे में

प्यारे बच्चों

शोभा आन्टी का ढेर सारा प्यार।

दीपावली कैसी रही? मुझे पता है आपने बहुत मजे किए हैं। आज पर्व का चतुर्थ दिन है। गोवर्धन पूजा का दिन। जानते हैं बच्चों इसे क्यों मनाते हैं। एक बड़ी रोचक कथा इससे जुड़ी है। बृज में एक बार भगवान कृष्ण के कहने पर सबने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। कृष्ण का कहना था कि यह पर्वत हमारी गायों को पालता है इसलिए पूज्य यही है। इस पर देवेन्द्र नाराज़ हो गए। उन्होंने भयंकर वर्षा की। ऐसा लगा कि पूरा बृज ही डूब जाएगा। तब भगवान कृष्ण ने अपनी तर्जनी पर गोवर्धन उठाया और बृज की रक्षा की। सात दिन तक इसी प्रकार पर्वत धारण किए रहे। तब से लेकर आज तक इस दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। प्रतीक रूप में गाय की पूजा करते हैं। गाय हिन्दुओं में सदा से पूज्य रही है। अमृत जैसा दूध देकर पालन-पोषण करती है । गाय माता का सम्मान और उसकी पूजा हमारी परम्परा है। आशा है आप सब भी गाय माता का सम्मान करेंगें।

आज बस इतना ही। बहुत-बहुत प्यार एवं दुलार सहित
आपकी शोभा आन्टी


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3 पाठकों का कहना है :

tanha kavi का कहना है कि -

शोभा जी,
इस अमूल्य जानकारी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

-विश्व दीपक 'तन्हा'

रंजू का कहना है कि -

आपकी दिवाली के लिए दी गई सारी जानकारी बहुत ही रोचक लगी मुझे ..
बहुत ही अच्छी तरह से आपने हर बात को समझाया है बधाई शोभा जी !!

रचना सागर का कहना है कि -

बहुत अच्छी जानकारी

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