Thursday, May 22, 2008

छुपन-छुपाई...

आओ डोली बहना
अरे आओ गुड्डू भाई
बादलों में छुपकर
हम बादलों में छुपकर
चलो,खेलें छुपन-छुपाई
आओ .........

दस तक गिनती गुड्डू गिनना
तुम चन्दा के पीछे
पर बेईमानी नहीं चलेगी
रखना आँखें मींचे
हाँ, रखना आँखें मींचे
इसी बात पर हुई थी याद है
पिछली बार लड़ाई...
आओ .........

चुपके चुपके ढूँढ सभी को
तुमको धप्पा करना
कोई नहीं मैं हुआ अकेला
सोच के यह मत डरना
हाँ, सोच के यह मत डरना
हम सब बाहर आ जायेंगे
जो एक आवाज लगाई..
आओ .........

लेकिन बच्चो सुनो गौर से
बादल चिकने चिकने
कदम सँभलकर रखना इनपर
लग जाओ ना फिसलने
समझे, लग जाओ ना फिसलने
कपड़े गन्दे हुए अगर तो
होगी खूब पिटाई
आओ .........

बादल भी खुश होकर देखो
चेहरे लगे बनाने
हाथी शेर मगरमछ बनकर
करतब लगे दिखाने
लो,अभी अभी देखी है
सच,अभी अभी देखी है मैने
बन्दर की परछाई...
आओ .........

देखो कितने सारे तारे
प्यारे दोस्त हमारे
आओ इनका हाथ पकड़कर
बानयें गोल धारे..
कुछ तारों ने मिलकर
देखो देखो, मिलकर कितनी
सुन्दर रेल बनाई
आओ .........

प्यारे सूरज चाँद सितारो
अब हम घर जायेंगे
लेकिन पक्का वादा मित्रो
कल फिर हम आयेंगे..
पक्का, कल फिर हम आयेंगे
अभी हमें करनी है थोडी
घर पर पहुँच पढ़ाई....

आओ डोली बहना
अरे आओ गुड्डू भाई
घर जाने का वक्त हुआ
माँ ने आवाज लगाई....


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8 पाठकों का कहना है :

anju का कहना है कि -

बहुत अच्छे राघव जी
क्या छुपम छुपाई खेल रहे हो
मज़ा आ गया कविता पढ़कर
बधाई
बच्चो को कविता जरुर पसंद आएगी

रंजू ranju का कहना है कि -

सुंदर बाल कविता लिखी है राघव जी

Sushma Garg का कहना है कि -

राघव जी,
बहुत सुंदर, अनोखी, भावप्रवण कविता लिखी है आपने. पढ़्कर फिर से बच्चा बनकर बादलों में छुपन छुपाई खेलने का मन हो गया.
बहुत बहुत बधाई.

Kavi Kulwant का कहना है कि -

अच्छा प्रयास..

Seema Sachdev का कहना है कि -

raaghav ji chupa-chupaaii ke khel ne apana bachapan yaad dila diya ,sundar rachana.....seema sachdev

शोभा का कहना है कि -

राघव जी
बाल साहित्य आप बहुत मन लगा कर रचते हैं
बादल भी खुश होकर देखो
चेहरे लगे बनाने
हाथी शेर मगरमछ बनकर
करतब लगे दिखाने
लो,अभी अभी देखी है
सच,अभी अभी देखी है मैने
बन्दर की परछाई...
आओ .........
बहुत अच्छे।

अल्पना वर्मा का कहना है कि -

राघव जी,
बहुत सुंदर कविता .

बधाई.

pooja anil का कहना है कि -

धन्यवाद राघव जी , छुपन छुपाई का खेल खेलने में हमें भी बड़ा मज़ा आया

प्यारे सूरज चाँद सितारो
अब हम घर जायेंगे
लेकिन पक्का वादा मित्रो
कल फिर हम आयेंगे..
पक्का, कल फिर हम आयेंगे
अभी हमें करनी है थोडी
घर पर पहुँच पढ़ाई....

और राघव जी को बधाई

^^पूजा अनिल

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