Monday, May 19, 2008

रामायण- भाग:2

बाल-उद्यान बालकवि राघव शर्मा द्वारा लिखित रामायण को भाग दर भाग प्रकाशित कर रहा है। पहला भाग आप पढ़ चुके हैं।

रामायण- भाग:2

अयोध्या नरेश को हुए चार बालक,
कौशल्या, सुमित्रा और कैकयी थी जिनकी पालक
ऋषियों-मुनियों ने मंत्रों का किया उच्च्चरण,
और शुरू हुआ बालको का नाम करण

कौशल्या नंदन का रखा गया नाम राम,
जो बाद में कहलाये मर्यादा पुरूपोत्तम श्री राम
ऋषिवर ने करी भविष्यवाणी,
यह बनेगा एक बहुत ही नेक इंसान
मंथरा को छोड़ सब के चेहरे पर छा गई मुस्कान

सुमित्रा को जन्मे दो बेटे बने प्यारे,
जो बने सबकी आंखो के तारें
ऋषि ने आगे बढाया अपना कथन,
लक्ष्मण और शत्रुघ्न रखे उनके नाम

कैकयी पुत्र का रखा गया भरत नाम,
प्रजा का भरण-पोषण निर्धारित हुआ उनका काम
ऋषि जी बोले, यह बनेंगे विद्वान,
अब मंथरा के चेहरे पर भी छाई मुस्कान

-बालकवि राघव शर्मा


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7 पाठकों का कहना है :

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

रामकथा का सरल एवं सुंदर प्रस्तुतिकरण है। बधाई स्वीकारें।

Anonymous का कहना है कि -

Apka ramayan- bhag 2 bahut achha laga mujhe.
Kiran Sinha.Atlanta,USA.

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

राघव,

बहुत प्रशंसनीय प्रयास है आपका, शुभकामनायें..

***राजीव रंजन प्रसाद

Seema Sachdev का कहना है कि -

bahut achche Raaghav ,bahut shubhkaamnaayen

Sushma Garg का कहना है कि -

राघव बेटे,
बहुत बढ़िया.

pooja anil का कहना है कि -

राघव,

आप बहुत सुंदर और सरल शब्दों में रामायण लिख रहे हैं, इससे बच्चों का अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने में अवश्य ही ज्ञान वर्धन होगा . बधाई

^^पूजा अनिल

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

वाह! बढिया लिख रहे हो बालक
लिखते रहो...
भगवान प्रभु श्री राम की कृपा सदैव बनी रहे

शुभकामनाये...

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