गुब्बारे
ले लो ले लो जी गुब्बा
रे
रंग बिरंगे प्यारे प्यारे
| सुनिए बाल-कविताएँ मम्मी-पापा चिड़िया रानी चाँद पे होता घर जो मेरा परियों की शहज़ादी | बाल-कविताओं में आवाज़ गिलहरी का घर सूरज गुड़िया रानी बड़ी सयानी तितली परी | रोहिणी, दिल्ली में बच्चों ने मनाया गणतंत्र दिवस समारोह | बंदर और मगरमच्छ कहानी। हँसते-हँसते लोट-पोट हो जाओ |
ले लो ले लो जी गुब्बा
रे
रंग बिरंगे प्यारे प्यारे
बच्चो, हमारा पर्यावरण यदि कुशल रहेगा, सुरक्षित रहेगा, तभी हम भी सुरक्षित रहेंगे। जिस तरह लोग अपने वातावरण में तरह-तरह के प्रदूषण फैला रहे हैं। उससे दुनिया का वातावरण दूषित होता जा रहा है। ज़रा देखो तो आपकी सीमा आंटी कितना भयानक सपना देखा है। बच्चो, हम प्रदूषण रोक सकते हैं। राघव अंकल प्रदूषण को रोकने के तरीके बता रहे हैं।
बच्चो,
21 जून का दिन पिता दिवस यानी कि फादर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर सीमा आंटी लाई हैं कुछ विशेष जानकारी
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6 पाठकों का कहना है :
वाह ! बहुत ही प्यारे गुब्बारे !
सुषमा जी ,
एक पीला वाला गुब्बारा मुझे भी दे दें, वैसे तो सभी गुब्बारे बहुत प्यारे लग रहें हैं ,पर अगर सब हम ले लेंगे तो औरों के लिए कुछ भी नहीं बचेगा....इस लिए सिर्फ़ एक ही चलेगा .
जितनी प्यारी कविता है उतने ही सुंदर चित्र भी हैं . बधाई
^^पूजा अनिल
सुषमा जी की सुषमा फैलाती कविता..अति सुंदर
गुब्बारे बच्चों को बहुत ही भाते हैं, आशा है कि गुब्बारों की तरह यह कविता भी उनको भाएगी।
sushama ji itane pyaare-pyaare gubaare ,pooja ji ko ek par do gubaare chaahiye ,vo laal aur neela,le loo :))bahut hi pyaari si kavita ke liye pyaari si badhaaii....seema sachdev
हटो हटो सारे के सारे
मेरे है ये सब गुब्बारे
कल मुझको क्यूँ नही खिलाया
अब जब मैं गुबारे लाया
कैसे टूट पडे बेचारे
हटो हटो सारे के सारे
मेरे है ये सब गुब्बारे
सुषमा जी से कहकर खास
मँगवाये सब अपने पास
चलो आइसक्रीम लेकर आओ
और एक एक गुब्बारा ले जाओ
हैप्पी............
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