Friday, May 29, 2009

पहेलियाँ हमारी, जवाब आपके

एक बला ने मुश्किल डाली ,
घर-घर में बजवाये ताली |
कान पे भिन्न -भिन्न करता ,
दानी से बाहर वो फिरता |










शान से राजा घर में बैठे ,
वैसे कभी न मुँह को खोले |
तनिक उमेठो उसके कान ,
तुंरत जागे ,झटपट बोले |






जब पैरों का संग पा जाती ,
मीलों तक सवार पहुंचती
ख़ुद चलने की बात करो तो ,
एक ठौर ही खड़ी रह जाती









न हूँ कैमरा ,नाही प्रेस ,
ज्यों का त्यों रूप धर देस |
फिर भी नहीं सजा नकल की,
खेल है पैसा और अकल की |





कपडा हो या माला हो ,
रिश्ता बड़ा निराला हो |




आज की आज की पहेलियाँ भी बहुत ही सरल हैं ,हाँ नीति बेटा एक बात ध्यान से कान खोलकर सुनलो ,सिर्फ ,सिर्फ शाबासी और तालियाँ मिलेगी सही प्रतिभागियों को इसके अलावा और कुछ नहीं ,ज्यादा चॉकलेट खाने से दांत खराब होंगे ही होंगे चाहे टूथपेस्ट कोई सा भी हो |इसलिए आज से नो चॉकलेट ,नो पिज्जा ,नो बर्गर is it ok. पहेलियों के सही जवाब देने वाले प्रतिभागी को शन्नो जी के गाँव की सैर करवाने ले चलेंगे हम ,तो फिर देर किस बात की जल्दी लिखिए जवाब आपके और पहेलियाँ हमेशा की तरह हमारी ही |



नीलम मिश्रा


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13 पाठकों का कहना है :

shanno का कहना है कि -

Hey साथिओं,

आज contact हुआ तो मन तनिक चेतन्य है
अंतरजाल की देखो महिमा भी कितनी धन्य है
आप लोगों की काफी याद आई मन भावुक है
अपना system तो आजकल काफी नाजुक है
इन दिनों बस अपने पेट में रहती गडबडी है
toilet जाने की हर समय रहती हड़बड़ी है
गोली और पानी पर ही हो रहा है गुजारा
खाने के बारे में सोचकर मन रोता है बेचारा
इंतज़ार है कि कब पेट से टलती है यह बला
देखते हैं फिर अगर 'अंत भला तो सब भला'
अब बताइये कि आप सबके क्या हाल-चाल हैं
सुना है कि आजकल मनु जी के हाल बेहाल हैं
मिलकर सबने बनाया है मनु जी को मानीटर
कक्षा का हो भला और साथ में इसकी टीचर
आप सब काबिल हाथों में हैं यह जानकर चैन है
और भी बहुत कुछ जानने को मेरा मन बेचैन है
इस बार लगता है यहाँ गर्मी बहुत पड़ रही है
या फिर मुझको ही मौसम की रंगत हड़ रही है
भीड़ में जाते हुए जब हम कभी धक्का खाते हैं
आदत से मजबूर Sorry कह आगे बढ़ जाते हैं
मच्छरों की है मुझपर कुछ अधिक ही मेहरबानी
हर रात सुनाने चले आते हैं मुझे अपनी कहानी
खून पीकर मेरा फिर कान में भी वह भुनभुनाते हैं
अपने ही देश के हैं यह सोचकर हम मुस्कुराते हैं
पेट में अब फिर मुझको कुछ हलचल लग रही है
आपको तो अब पता है कि यह क्या कह रही है
ऐसी तकलीफ को ना जा सकता है किसी से बांटा
माफ़ करना जरा जल्दी में हूँ अब सबको TA-TA

manu का कहना है कि -

(१) ...मच्छर ...
(२)...रेडियो.....
(३) साइकिल ...
(४)....:(
(५).....शायद टाई....???

manu का कहना है कि -

ओये ,,,,,,,,!!!!!!!!
::::::::((((
:::))
ऐ तो साड्डी शन्नो जी नी हैंगी...?
वड्डे दिन में दिखी हैं आज,,,, ( कुछ कमजोर सी नहीं लग रही तैनू ..?......)
नीलम जी ,
तुस्सी ते वडे ग्रेट हो जी,,, इक बार शन्नो जी से मिलवा दो न हम बाकी के युग्मियों को...!!!!!

neelam का कहना है कि -

baaki ke sab kahaan hain ,paheli

pariksha radd karni padegi shaayad ,lagta hai aap logon ko gaaon dekhne jaana pasand nahi hai shaayad ,tapan ,sumit ,neeti ,chauhan ,rachna ,aur khud ek paheli hum sab logon ke liye
shanno ji ke sabse chahete prtibhaagi swapndarshi ji mangal grah se aa bhi jaayiye ,

Udan Tashtari का कहना है कि -

३ तो मनु बता चुके-

४.. हम भी :( -शायद दर्पण हो मगर पैसा और अकल ??

५. धागा.

sumit का कहना है कि -

१ मच्छर
३ चप्पल या जूता

बाकि के उत्तर ब्रेक के बाद

sumit का कहना है कि -

१ मच्छर
३ चप्पल या जूता

बाकि के उत्तर ब्रेक के बाद

sumit का कहना है कि -

वैसे मेरी परीक्षा २८ को समाप्त हो गई थी , बस यहाँ आने मे कुछ देर हो गयी,
मनु जी मानिटर का काम अभी आप ही संभालिये क्योकि मेरा प्रेक्टिकल अभी बाकि है वो शायद ५ जून को होगा

sumit का कहना है कि -

शन्नो जी
आप कौन सी दवाई ले रहे हो और डाक्टर को दिखाया, किसी भी बीमारी को हलके नही लेना चाहिए

नीलम जी आने मे थोडी देर हो गयी इस बार

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र का कहना है कि -

रोचक
आपकी परांठे की चिठ्ठी चर्चा समयचक्र में

dschauhan का कहना है कि -

पहली पहेली का उत्तर --- मच्छर और मच्छरदानी है!
दूसरी पहेली का उत्तर --- रेडियो है!
तीसरी पहेली का उत्तर --- कुछ ठीकठाक नही जम रहा है!
चौथी पहेली का उत्तर --- गला / गर्दन हो सकता है!
नीलम जी क्षमा प्रार्थी हूँ, हमेशा ही लेट लतीफ़ रहता हूँ क्योंकि मैं शनिवार और रविवार को अक्सर ही छुट्टी कर लेता हूँ! चूंकि आपने शन्नो जी के गाँव की सैर कराने कीबात कही है सो मैं भी कतार में खडा हूँ गाँव की सैर करने के लिए!

महामंत्री - तस्लीम का कहना है कि -

अरे वाह, इतनी मजेदार पहेलियां।
पर पहेलियों के बीच का गैप अधिक है। इन्‍हें रंग बिरंगे चित्रों से भरा जाता, तो देखने में अच्‍छा लगता।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

neelam का कहना है कि -

सभी लोग जल्दी से अपने उत्तर सम्मिलित करिए ,शन्नो जी से बात चीत जारी है ,शायद नाराज हो गयी हैं,उनका कहना है कि हम जहां हैं ,वो गाँव नहीं है,जहां हम रहते हैं वो हिन्दुस्तान
की सबसे अच्छी जगह है ,मॉनिटर जी स्वास्थ्य लाभ कर रहीं हैं ,और जल्दी ही आप लोगों से मिलने वाली भी हैं

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