Sunday, October 7, 2007

चाँद का बदलता चेहरा





प्यारे बच्चों आज मै आपको कोई कहानी नही सुनाऊंगी...मै चाहती हूँ आपको कुछ ऊपयोगी बातें बताना...चाँद को आप रोज ही देखते है...मगर क्या कभी सोचा है वह अपना रंग रूप क्यों बदलता रहता है...कभी सफ़ेद तो कभी पीला नारंगी क्यों हो जाता है? तो चलो आज हम आपको कुछ ज्ञान-वर्धक बातें बतायेंगे...


दर-असल चंद्रमा का अपना प्रकाश नही होता...वह सूर्य के प्रकाश से ही चमकता है... सूर्य का प्रकाश पृथ्वी की सतह से टकराकर चंद्रमा पर पड़ता है...और चंद्रमा की सतह से भी परावर्तित होकर वापिस धरती पर पड़ता है





चंद्रमा पर जितना सूर्य-प्रकाश पड़ता है,उसका ७% ही परावर्तित हो पाता है।दूसरी और पृथ्वी अपने ऊपर पड़ने वाले सूर्य-प्रकाश का ३६% हिस्सा ही परावर्तित कर देती है...पृथ्वी के विपरीत चंद्रमा पर कोई वायुमण्डल नही है...जब सूर्य-प्रकाश चंद्रमा से टकराता हैतो हम केवल उन्ही रंगो को देख पाते है जो सूर्य के वायुमण्डल से पार हो पाते है...सूर्य से आने वाली गहरी प्रकाश किरणों को पृथ्वी का वायुमण्डल अवरूध्द कर देता है और हमें चंद्रमा रजत नारंगी रंग का दिखाई देता है





लेकिन खगोल विषेशज्ञों का कहना है हमारा प्यारा चंद्रमा गहरे भूरे रंग का होता है...ठंडे लावे और ज्वालामुखी कांच-झांवें का रंग भी भूरा होता है इस लावे और झांवें से ही चंद्रमा की सतह बनी हुई है

जैसे की इस चित्र मे देखिये...



चंद्रमा पर हमे कुछ काले धब्बे भी दिखाई देते हैं,क्योंकि उसके कुछ हिस्से दूसरों की तुलना में ज्यादा चमकीले हैं ।इसका कारण यह है कि चंद्रमा पर कई ढलाने और घाटियां हैं जिनकी वजह से कुछ स्थान छायायुक्त और कुछ चमकीले दिखते हैं। जैसे कि यहाँ देखिये...



पूर्णमासी और उसके ठीक पहले और बाद के दिनों में सूर्य,पृथ्वी,और चंद्रमा इसी क्रम में एक सीधी रेखा में होते है...इस समय सूर्य की किरणे चंद्रमा पर सीधी पड़ती है इस समय छाया नही दिखाई पड़ती...


प्यारे बच्चो आपने देखा होगा कभी-कभी हमे चंद्रमा के चारो और एक छल्ला या घेरा सा दिखाई पड़ता है इसके दिखाई देने का कारण है वायुमण्डल में बर्फ़ के मणिभों यानि कि क्रिस्टलो से चंद्र-किरणो का परावर्तन...





अच्छा तो हम चलते है आप बताईयेगा हमे... आपको कैसा लगा अपने चँदा मामा के बारे में पढ़कर...

सुनीता(शानू)


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8 पाठकों का कहना है :

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

सुनीता जी,
बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी और बाल-सहज भाषा में आपने प्रदान की है। यह बच्चों के लिये लाभप्रद तो होगा ही अभिभावको के लिये भी यह पृष्ठ संग्रहणीय है।

*** राजीव रंजन प्रसाद

रंजू का कहना है कि -

अच्छी जानकारी है सुनीता जी
बच्चे चन्दा मामा के बारे मैं जान जायेंगे इस लेख से :)

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

बहुत अच्छी जानकारी आपने जुटाई है, बधाई।
मेरा सुझाव यह है कि पोस्ट में ज्यादा बडे फांट का उपयोग न करें, उससे मैटर भददा लगता है।

रचना सागर का कहना है कि -

अरे वाह सुनिता जी....
आज कहानी की जगह इतनी अच्छी जानकारी...
बहुत अच्छा लगा।

सजीव सारथी का कहना है कि -

सुनीता auntie जानकारी के लिए धन्येवाद, ......अरे मैं नही ये मेरे बच्चे कह रहे हैं

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

चित्रों के माध्यम से आपने चाँद पर अच्छी जानकारी दी। वैसे हमें आपकी काव्यात्यक पंचतंत्र की कहानियों का इंतज़ार था।

मोहिन्दर कुमार का कहना है कि -

सुनीता जी,

चांद के बारे में आपने इतना कुछ बता दिया कि....कहीं बच्चे उसे मामा मानने से इन्कार न कर दें.... मजाक की बात..
सच में कहानी के रूप मे रोचक जानकारी दी है आपने जो बच्चों के बहुत काम की है

Gita pandit का कहना है कि -

सुनीता जी,


सहज भाषा में लाभप्रद जानकारी
बच्चों के लिये........ वाह......


बधाई।

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