Sunday, October 28, 2007

आओ बच्चो चित्र बनाना सीखें

आप सब अपने दोस्तों के जन्म दिन पर उनके घर जाते हैं.. गिफ़्ट और ग्रीटिगं कार्ड भी ले कर जाते हैं. आपके दोस्त को कितना अच्छा लगेगा अगर वो गिफ़्ट या ग्रीटिंग कार्ड आपने स्वंय परिश्रम करके बनाया हो. आज हम बेबी बीयर का चित्र बनाना सीखेंगे जो एक केक लेकर बैठा है.

सबसे पहले पेन्सिल से बेबी बीयर के सिर, पेट और पेरो का बाहरी आकार बनायेंगे... जैसा नीचे चित्र में दिखाया गया है




उसके बाद नीचे दिये चित्र के अनुसार उसके कान, भवों, आंखो, मुहं और केक को आकार देकर उभारेंगे .


इसके बाद केक के उपर हैपी बर्थडे लिखेंगे आप चाहें तो साथ में दोस्त का नाम भी लिख सकते हैं.. केक को चाक्लेट और क्रीम से भी सजाया जाता है आप चाहें तो उस पर फ़ूल पत्ते बना सकते हैं. बेबी बियर की सुन्दर क्लिप भी लगाईये और उसके पीछे सुन्दर सुन्दर फ़ूल बनाईये.


बस चित्र तैयार सा ही है.. फ़ूलों को ढंग से आकार दीजिये.. और पेरों हाथों को भी आकार दीजिये... याद रखिये कि बाहरी आकार बनाते समय हमें बहुत हल्की पेन्सिल चलानी चाहिये ताकि मिटाने पर कागज काला न हो और हम उसे मन चाहे रूप में दोबारा आकार दे सकें.



चित्र तैयार होने पर उसमें मन चाहे रंग भरें...चित्र को मोटे कार्ड पर बनाया जाये तो ग्रीटिगं कार्ड सा ही लगेगा.. उसके दूसरे फ़ोल्ड पर आप कोई मेसेज या शुभकामना संदेश भी लिख सकते हैं.



घर पर बनाना जरूर... अगर पहली बार में सही न बनें तो निराश न हों... कोशिश करते रहें.. एक दिन जरूर आप बडे कलाकार बनेगे... जो हिम्मत नहीं हारते.. उन्हीं की जीत होती है..


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7 पाठकों का कहना है :

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

यब बेबी-बीयर तो बन कर और रंग बिरंगा हो कर हमारी कुहू के कमरे में सज भी गया। आपका यह स्तंभ मुझे भी चित्रकार बना कर रहेगा। बहुत बधाई।


*** राजीव रंजन प्रसाद

रितु रंजन का कहना है कि -

चित्र बनाना भी आसान हो सकता है यह मोहिन्दर जी से सीखने को मिला। आसानी से खीची जाने वाली लकीरें बहुत सहजता से जुड कर यह बेबी-बीयर बना देती हैं।

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

मोहिन्दर जी,

यह चित्र देखने में जितने एक-दूसरे से जुड़े हुए प्रतीत हो रहे हैं, उतना आसान नहीं होगा इन्हें बनाना। मुझे लगता है कि कुछ और स्टेप चाहिए।

tanha kavi का कहना है कि -

मोहिन्दर जी,
सुंदर प्रयोग है। अब तो कई लोग चित्रकार बन जाएँगे। ऎसा मेरा विश्वास है।अगले चित्र के इंतजार में-
विश्व दीपक

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

ये कौन चित्रकार है ये कौन चित्रकार है..

बच्चों को लुभाने वाले जन..
कभी मोर कभी तितली तो कभी..
टैडी के सृजनकार हो तुम..
टीचर हो तुम, कविश्री हो तुम..
चित्रकार, अरे फनकार हो तुम..
क्या चित्र बनाना सिखलाते..
हम मात्र लकीरें खींच रहे..
और चित्र उभर कर आ जाते..
इस बगिया के हे श्रंग वृक्ष
सच-मुच कितने फलदार हो तुम..
चित्रकार, अरे फनकार हो तुम..
चित्रकार, अरे फनकार हो तुम..

Udan Tashtari का कहना है कि -

बहुत उम्दा, मोहिन्दर भाई. आप तो पूरे कलाकार हो.

रंजू का कहना है कि -

इसको भी बना के देखेंगे :) देखने में आसान लगा रहा है :) सभी यहाँ अच्छे चित्रकार बन जायेंगे :)

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