Monday, October 1, 2007

आओ बच्चो हम चित्र बनाना सीखें

बच्चो आप सब जानते हैं कि मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है और नाचते हुये मोर के तो क्या कहने.. सोने पर सुहागा.

आज हम नाचता हुआ मोर बनाना सीखेंगे.

नीचे दिये गये चित्र को देख कर आंख के आकार के पंख एक अर्ध गोलाकार में बनायें और बीच में मोर का सिर बनायें



अब दूसरे चित्र के अनुसार मोर का शरीर पूरा करें और पंखो के चारों तरफ़ पेन्सिल से छोटी छोटी धारियां खीच कर पंख का आकार दें. साथ ही बीच में भी और पंख बनायें.



बस अब अपनी कल्पना का प्रयोग करें और इसमें रंग भरें.. अगर घर पर मोर का कोई पंख हो तो उसे देख कर रंग भरें.
चाहे तो नीचे दिय गये चित्र की सहायता लें और रंग भरें.




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8 पाठकों का कहना है :

राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि -

मोहिन्दर जी,

मोर बनाना निश्चित ही कठिन लगने वाला कार्य है, इतनी सहजता से भी मोर बनाया जा सकता है यह आज ही जान सका।

यह स्तंभ अनूठा और महत्वपूर्ण बन गया है बाल उद्यान के लिये।

*** राजीव रंजन प्रसाद

Seema Kumar का कहना है कि -

बहुत अच्छा । मैंने भी ने तरीके से मोर बनाना सीखा :) ।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का कहना है कि -

मोहिन्दर जी, आपने इतनी आसानी से चित्र बनाना सिखाया है कि मेरा मन भी कागज कलम उठाने के लिए मचलने लगा है। बहुत-बहुत बधाई।

रंजू का कहना है कि -

अरे वाह !!यह तो आसानी से बन गया :)
बच्चो को चित्र बनाना सीखाने का यह तरीका बहुत सरल और मजेदार लगा !
शुक्रिया मोहिंदर जी !!

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

मोहिंदर जी,

लगता है आप सभी बच्चों को मोर बनाकर ही छोड़ेंगे। अच्छा है, हिन्द-युग्म हर तरह की सीख ले रहा है और दे रहा है, बहुत खुशी की बात है।

रचना सागर का कहना है कि -

मोहिन्दर जी,
एक और नई चित्रकारी सीखाने का बहुत बहुत शुक्रिया।
वो भी इतनी आसानी से।
नि:संदेह आपका यह स्तंभ अनूठा और महत्वपूर्ण बन गया है बाल उद्यान के लिये।

Bhupendra Raghav का कहना है कि -

अपने चन्दे फैलाकर जब
झाडी पीछे नाँचा मोर
चार मोरनी उसे देखतीं
घूम रहीं थीं चारो ओर..

बहुत ही अच्छी तरकीब चित्र बनाने की..
-धन्यवाद..

sunita (shanoo) का कहना है कि -

बहुत सुन्दर मोर बनाते है मोहिन्दर जी आप...
अच्छा लगा और सुन्दर भी...

सुनीता(शानू)

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